भोट(रामपुर)। भारतीय किसान यूनियन अंबावता की पंचायत में किसानों ने बाढ़ से खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की और चेतावनी देते हुए कहा कि खराब हुई फसलों का मुआवजा शीघ्र नहीं दिया गया तो किसान तहसीलों में आंदोलन करेंगे।
रविवार को भारतीय किसान यूनियन अंबावता की पंचायत क्षेत्र के गुजरैला गांव में हुई। वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी ने कहा कि प्रदेश सरकार मुआवजे के नाम पर किसानों को धोखा दे रही है। बिलासपुर तहसील में कुछ गांवों के सर्वे के आदेश लेखपालों को दिए गए हैं और उसमें भी मुआवजा मिलने का आसार नहीं लग रहे हैं। किसानों की सरसों, लाई, उड़द, मटर आदि फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। धान भी अधिकतर खराब हो गए हैं। किसानों को बड़ी उम्मीद थी कि सरकार खराब फसल का शीघ्र मुआवजा देगी। खाद, बीज, कीटनाशक और डीजल की महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार किसानों को लेकर चिंतित नहीं है। कहा कि किसान विरोधी मानसिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान तीनों कृषि कानूनों को भी वापस किए जाने की मांग करते हुए कहा कि शीघ्र ही फसल का मुआवजा नहीं मिला, तो आंदोलन किया जाएगा। पंचायत में हाजी शफी अहमद, रईस अहमद, लखविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, सगीर अहमद, सलीम खान, जीत सिंह, आजाद सिंह गिल, मुकेश श्रीवास्तव, महेंद्र सागर, शफीक अहमद आदि मौजूद रहे।