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किसानों की समस्याओं को नहीं सुन रहे एनएचएआई के अधिकारी

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भोट (रामपुर)। तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के धरने पर बैठे किसानों ने एनएचएआई के अधिकारियों पर समस्याओं का समाधान न करने का आरोप लगाया। रविवार को हाईवे अथारिटी अधिकारियों से वार्ता करने और समस्याओं का समाधान न होने पर विशाल आंदोलन की रणनीति बनाने पर चर्चा भी की गई। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग की।
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कृषि कानूनों की वापसी को लेकर कोयला टोल प्लाजा में किसानों का बेमियादी धरना 72वें दिन भी जारी रहा। धरने में बैठे किसानों को संबोधित करते हुए मास्टर इरफान अली ने कहा कि सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है और जिला रामपुर का प्रशासन किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है। एनएच-87 दुर्ग नगला से काठगोदाम तक फोरलेन बनाया जा रहा है जिसमें कई कमियां भारतीय किसान यूनियन द्वारा हाईवे अथारिटी के अधिकारियों को बताते हुए सही करने का अनुरोध किया। किसानों की समस्याओं को उचित समझते हुए उपजिलाधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी ने भी किसानों की समस्याओं का उचित समाधान करने का आदेश दिया था। एनएचआई के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। पांच अगस्त को एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता का समय लिया गया था, लेकिन अधिकारी वार्ता के लिए नहीं आए। रविवार को एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता का समय लिया है। अधिकारियों ने किसानों की समस्या का समाधान न किया गया तो रविवार को ही आगे की रणनीति बनाकर हाईवे अथारिटी के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान तहसील मोहम्मद तालिब, इरफान हसन, छिद्दा अली, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद, फरमान, शकील, सलीम टेलर, नाजिर हसन, मास्टर शाकिर अली, जुम्मा, अमीर अहमद, जगदीप, सतनाम, सतपाल सिंह, जग्गा सिंह, माइटी सिंह आदि मौजूद रहे।
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