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सत्ता संग्राम: चाय की चुस्की संग स्थानीय लोगों ने उठाया रामपुर में रोजगार और ट्रांसपोर्ट नगर का मुद्दा उठा

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अमर उजाला सत्ता संग्राम -1
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चाय की चुस्की संग स्थानीय लोगों ने उठाया रामपुर में रोजगार और ट्रांसपोर्ट नगर का मुद्दा
चाय की चर्चा में लोग बोले- सरकार में काम अच्छा हुआ, लेकिन कारोबार बढ़ाने की जरूरत
फोटो---
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। सियासी पथ पर निकला अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम शनिवार को रामपुर पहुंचा। यहां रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार के निकट चाय की चुस्कियों के साथ खुलकर स्थानीय लोगों ने अपनी बात रखी। उन्होंने माना कि सरकार ने कई मुद्दों पर अच्छा काम किया है। लेकिन, कारोबार, रोजगार के लिहाज से कुछ और काम की जरूरत है।
सुबह आठ बजे आयोजित इस कार्यक्रम में अवतार सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार में कई काम हुए हैं, लेकिन तमाम काम अधूरे हैं। सबसे बड़ी समस्या ट्रांसपोर्ट नगर की है। ऐसे में ट्रांसपोर्ट वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं। सरकार को चाहिए रामपुर में एक ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि एक समय में नैनीताल और दिल्ली जाने के लिए लोगों को आठ से दस घंटे लगते थे, लेकिन अब सड़कें अच्छी हो गई हैं और चंद घंटे में ही लोग अपना सफर कर सकते हैं।
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अय्यूब ने कहा कि भाजपा सरकार में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। सपा सरकार के समय काफी काम हुए थे। नाज अली ने कहा कि शहर की साफ सफाई बेहतर हुई है। इससे और अच्छा करने की जरूरत है। कुशल गुप्ता ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। कहा कि बीड़ी, कारचोब आदि कोई भी उद्योग हो, लेकिन हर क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ रही है।
नोटबंदी और कोरोना काल में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां गई हैं। सरकारों को चाहिए कि रोजगार सृजन के लिए बड़े स्तर पर कार्य होना चाहिए। मुशर्रत अली ने कहा कि भाजपा सरकार में विकास तो हुआ है, लेकिन कारोबार कम हुआ है। स्थानीय तौर पर सपा का दबदबा रहा है। यदि फैक्टरियां लग जातीं, तो आज लोग इतने बड़े पैमाने पर बेरोजगार नहीं होते। उन्होंने वर्तमान सरकार के कार्य को लेकर संतोष जताया और कहा कि कुछ कमियां हैं, जिन्हें पूरा करना चाहिए।
जुनैद चौधरी ने कहा कि युवाओं की बेरोजगारी बड़ा मुद्दा होगा। क्योंकि, सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं का परिणाम तक घोषित नहीं कर पाती। बीडीओ की परीक्षा का रिजल्ट अब तक नहीं आया। भर्तियों में देरी होती है। विकास गुप्ता ने कहा कि रोजगार की कोई कमी नहीं है, लेकिन व्यक्ति की नीयत काम करने की हो। जिसमें प्रतिभा है, वह बेेरोजगार नहीं है। राजेेश कुमार, यकीन, बब्बू ने कहा कि रोजगार यहां की बड़ी समस्या है। कपड़ा मिल, चीनी मिल और कई फैक्टरियां कांग्रेस के जमाने लगी थीं, लेकिन अब नहीं हैं।
मुनीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि नेतृत्व बढ़िया होता है तो सबकुछ अच्छा होता है। चुनाव में इसके साथ ही स्थानीय चेहरा अहम है। गौरव गुप्ता ने कहा कि चुनाव में सभी दल वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद वादे पूरे नहीं होते। गरीबी तो नहीं हटती, लेकिन गरीब हट जाता है। सरकार किसानों को तो फायदा देने के लिए तैयार है, लेकिन किसी दल की सरकार फैक्टरी लगाने के लिए तैयार नहीं होती।
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रविंद्र गुप्ता ने कहा कि ये बात सही है कि कई फैक्टरियां बंद हुई हैं, लेकिन कोई फैक्टरी वर्तमान सरकार में बंद नहीं हुई। इस सबसे ज्यादा जरूरी देश की रक्षा का मुद्दा है। पपिंद्र सिंह, गौरव अग्रवाल, गुलशन अरोड़ा आदि ने भी अपनी अपनी बात रखी।
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