रामपुर। कोरोना ने जहां समाज पर तरह-तरह से दुष्प्रभाव डाला वहीं होम्योपैथी पर लोगों का भरोसा बढ़ाया। शुरूआत के समय कोरोना को लाइलाज माने जाने से लोग होम्योपैथी की ओर बढ़े थे। उपचार के साथ-साथ कोरोना से बचाव के लिए प्रतिरक्षण में भी होम्योपैथी की खुराक का खूब प्रयोग हुआ था। यह भरोसा अब भी कायम है।
होम्योपैथी चिकित्सक बताते हैं कि अब तमाम तरह के रोगों में लोग एलोपैथी के स्थान पर होम्योपैथी को तरजीह दे रहे हैं। नतीजा ये रहा कि आयुष विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज पहुंच रहे है। वहीं, पहले पचास तक ही लोग आते थे। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक महीने में होम्योपैथी अस्पताल में करीब चार हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया गया।