वासंतिक नवरात्र के चौथे दिन सोमवार को माता के पांचवे रूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां को पुष्प, नारियल, चुनरी शृंगार सामग्री व लौंग, फल चढ़ाकर मां की स्तुति की। साथ ही उन्होंने मां से सौभाग्य और परिजनों की कुशलता की कामना की। उधर, नगर क्षेत्र के सभी मंदिरों पर भक्तों की भीड़ रही। महिलाओं ने पिन्नी का आयोजन किया और दोपहर में माता के छंद भी गाए।
सोमवार को सुबह से ही मंदिरों के पट खुलते ही भक्तों की कतार लग गई।
शंख, घंटे-घडिय़ाल की ध्वनि के बीच मां के जयकारे लगाते पूजा-अर्चना की। साथ ही नवरात्र व्रत की कथा, दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। महिलाओं ने माता के भजन गाए और कीर्तन किया। भक्तों ने पूजन कर कन्याओं से आशीर्वाद भी लिया। वहीं, बिलासपुर में स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने मंदिरों और घरों में दुर्गा मैया के छंद गाए। शाम को आरती के पश्चात फलाहार के साथ व्रत को विश्राम दिया गया। उधर, स्वार में भी माता की पूजा अर्चना की गई।
राधा माधव संकीर्तन मंडल की ओर से नववर्ष के उपलक्ष्य में प्राचीन श्री राधा-कृष्ण मंदिर में राधा नाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। संकीर्तन में दो घंटे तक श्रद्धालुओं ने श्री राधा-कृष्ण नाम का जाप किया और भजन गाए। कौन है किस पर नहीं है मेहरबानी आपकी, जब द्वार पर तेरे आ ही गए आदि भजन गाए। इसके बाद गोपाल नाम धुनी और माता के भजनों के साथ संकीर्तन समाप्त किया गया। इस दौरान गिरीराज सरन, पंकज अग्रवाल, वीरेंद्र कुमार अरोरा, सुनील गुप्ता, प्रेम अग्रवाल, पुष्पेंद्र अग्रवाल, हरिओम रहे।
मुरारी लाल की धर्मशाला में श्रद्धालुओं ने माता की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की। रात में माता की भेंटों प्रस्तुत की गईं। भजन गायिका नेहा ने मां की सुंदर भेंट और भजन प्रस्तुत किए। दिन में महिलाओं ने कीर्तन किया। इस दौरान विनय कश्यप, प्रभात अग्रवाल, बलवीर, नितिन रहे।
मिलक नगर में प्राचीन श्री दुर्गा मंदिर परिसर में दस दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान गंगा महोत्सव चल रहा है। इसके चौथे दिन कथा व्यास बाल विदुषी ने कहा कि श्रीराम कथा सुनने से मानव के कष्ट दूर होते हैं। कहा कि भाई राम-लक्ष्मण और भरत-शत्रुघ्न जैसा होना चाहिए। कार्यक्रम में आदेश शंखधार, चिंतामणि बहुगुणा, सूरजपाल गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, मुकेश सक्सेना थे।
श्रीमद्भागवत कथा वाचन करते हुए कथा व्यास डा. ओमशंकर मिश्र ने ईश्वर को सत्य स्वरूप बताया। ज्वालानगर में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ प्रसार समिति की ओर से आयोजित कथा में व्यास ने कहा कि ईश्वर सदैव भक्त के साथ हैं। अभिमान और घमंड से दूर व्यक्ति ही ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। जिस प्रकार राजा बलि का अभिमान वामन रूप में प्रभु ने ध्वस्त किया। जब-जब धरती पर पाप व असुरी ताकतों का प्रकोप बढ़ेगा तब-तब भगवान अवतार लेकर भक्तों का उद्धार करेंगे। इस दौरान राममुरारी लाल शर्मा, रामदत्त शर्मा, शिवबहादुर सक्सेना, नरेश शर्मा, रामकृपाल मिश्र, शिवकुमार शर्मा, प्रमोद पांडे, राजकुमार शौरी आदि मौजूद रहे।