खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई शुरू होते ही का कुट्टू का आटा मार्केट से गायब हो गया है। शहर की बात छोड़िए ग्रामीण इलाकों की दुकानों पर भी कुट्टू का आटा नहीं मिल रहा। तीन तहसीलों में चलाए गए अभियान के दौरान सिर्फ दो स्थानों पर ही कुट्टू का आटा मिला, जिनके भरे गए। तीन अन्य खाद्य पदार्थों की भी सैंपलिंग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि दुकानदारों ने मिलावट पकड़े जाने के डर से कुट्टू के आटे को छुपा दिया है।
नवरात्र में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने से डीएम की तबियत बिगड़ने का बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट रोकने के लिए अभियान छेड़ा। अभियान शुरू होते ही मार्केट से कुट्टू का आटा गायब हो गया है। रविवार को टीम को पूरे दिन में शहर में सिर्फ एक ही नमूना मिला। सोमवार को भी छापेमारी की गई। शाहबाद में महज एक दुकान पर कुट्टू का सैंपल भरा गया। एक दुकान से मीठे बताशे का सैंपल भरा गया। बिलासपुर में भी एक दुकान पर कुट्टू के आटे का सैंपल भरा गया।
यहां पर पापड़ का भी नमूना लिया गया। मिलक में आठ दुकानों को चेक किया, लेकिन कहीं भी कुट्टू का आटा नहीं मिला। यहां पर हल्दी का नमूना भरा गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी डा. चमन लाल के मुताबिक सोमवार को कुल पांच सैंपल भरे गए।