रामपुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश की मौके पर रविवार को जोशो खरोश के साथ जुलूस ए मोहम्मदी किला मैदान से निकाला गया। मौसम का बदला हुआ मिजाज भी इसमें बाधा नहीं बन सका। बारिश होने के बाद भी जुलूस में भारी तादाद में आशिकाने रसूल शामिल हुए। आशिकाने रसूल हाथों में सब्ज परचम थामे चल रहे ।
जुलूस की कयादत हजरत हाफिज शाह जमालुल्लाह के सज्जादानशीं शाह फहद अहमद जमाली ने की। उनके पीछे तमाम अंजुमने नातख्वानी करती हुई चल रही थीं। इनके पीछे बाइकों पर नौजवान सवार थे जो हाथों में सब्ज परचम थामे हुए थे। इनके पीछे अंजुमने नात ख्वानी कर रही थीं। रास्ते भर नौजवान बच्चे और बड़े हाथों में हरी झंडी और झंडे लेकर सफेद कपड़ों में पैदल या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका, मुस्तफा जाने रहमत पर लाखों सलाम, मेरे नबी की देखो शान बच्चा बच्चा है कुर्बान के नारे लगाते चल रहे थे। इस अवसर पर अतहर जमाली, मौलाना आरिफ जमाली,आमिर खान और जफर खान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
जुलूस की दूसरी टोली काजी शरह मुफ्ती सैयद फैजान हसनी रिजवी की सरपरस्ती में निकाला गया। इस अवसर पर मुफ्ती इस्लाम हसन रिजवी, मौलाना रफी रिजवी, मुफ्ती नजफ अली सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यह जुलूस शाम 5:00 बजे मजार हाफिज जमाल उल्लाह पर समाप्त हुआ। जबकि सुबह जामा मस्जिद रामपुर में रिवायती नवाबी दौर की लडडू खानी की गई। इससे पहले कुरानख्वानी हुई नात व मनकबत का सिलसिला शुरू हुआ। उलेमा के बयान हुए। दुआ के बाद लड्डू तकसीम किए गए।