मसवासी। क्षेत्र के गांव आर्सल-पार्सल गांव के खेतों में ग्रामीणों ने तेंदुए के पंजों के निशान दिखाई देने का दावा किया है। वन विभाग के कर्मियों ने निशानों को तेंदुए के पंजों का निशान बताया है। जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। तेंदुए के खौफ से किसान अपने खेतों पर भी नहीं जा रहे हैं। तेंदुए की आवाजाही को लेकर वन विभाग भी सक्रिय हो गया है।
आर्सल-पार्सल गांव में पिछले माह एक तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। जिसके बाद कई दिन तक वन विभाग की टीम ने कांबिंग की थी, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका था। कई दिनों तक तेंदुए की कोई हलचल या जानवर का शिकार न होने पर ग्रामीण और वन विभाग कर्मी तेंदुए के उत्तराखंड चले जाने की बात सोचकर निश्चिंत हो गए थे, लेकिन अब एक बार फिर तेंदुआ क्षेत्र में दिखाई दिया है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कार से जाते वक्त तेंदुए के कार के आगे चलते हुए फोटो खींच लिए और वीडियो बना ली। ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई।
मंगलवार को वन क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह भंडारी के नेतृत्व में वनकर्मियों ने गांव के जंगलों में कांबिंग की। वन क्षेत्राधिकारी कुंदन सिंह भंडारी ने बताया कि तेंदुए के पद चिह्न दिखाई दिए हैं। वनकर्मी लगातार कांबिंग में लगे हुए हैं। तेंदुए द्वारा अभी तक किसी भी पशु पर हमला नहीं किया है। जिसके चलते पिंजरा लगाने की लोकेशन तय नहीं हो पा रही है। जल्द ही लोकेशन ट्रेस कर पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।