काजी-ए- शरआ सैयद शाहिद अली रजवी ने कहा कि किसी भी हालत में शरीयत से छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। मोदी सरकार की नापाक कोशिश कामयाब नहीं होने देंगे। चाहें इसके लिए कोई भी कुरबानी क्यों न देनी पड़े। तीन तलाक के मसले पर मुल्क भर के मुसलमान दिल्ली में जुटेंगे।
काजी-ए-शरआ सैयद शाहिद अली रजवी ने मर्कजी दर्सगाहे एहले सु्न्नत में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केंद्र सरकार तीन तलाक के बहाने कामन सिविल कोड लागू करना चाहती है। शरीयत में दखल किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोदी सरकार की नापाक कोशिश किसी भी हालत में कामयाब नहीं होने दी जाएगी।
काजी-ए- शरआ ने कहा कि तीन तलाक और कामन सिविल कोड के मसले पर केंद्र सरकार के खिलाफ मुल्क भर के मुसलमान 18 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे। मुसलमानों का हुजूम जंतर-मंतर से संसद भवन को कूच करेगा।
कहा, 1937 में भी शरीयत में बदलाव लाने की कोशिश की गई थी। लेकिन मुसलमानों के विरोध के आगे नाकाम हो गई। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर को किला मैदान में जमात-ए- रजा मुस्तफा की जानिब से शरीयत बचाओ कांफ्रेंस होगी। कांफ्रेंस में जिलेभर के उलमा और दानिश्वर भी शिरकत करेंगे। हाजी सगीर अहमद, मुफ्ती नजफ अली, मुफ्ती अली अहमद, हाजी जाहिद, मकसूद कुरैशी, सैयद जाहिद अली, हाजी नोशे अली, हाजी इश्तियाक हुसैन, मौलाना वली मोहम्मद भी थे।