नगर से सटे ग्राम बादली के मदरसा जामिया हजरत उमर में बुधवार को तीन तलाक और कॉमन सिविल कोड को लेकर आल इंडिया जमाते रजा-ए-मुस्तफा बरेली शरीफ की ओर से शरीयत बचाओ कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसके बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया जिसमें उनकी सरकार से शरीयत के मामलों में दखल न देने की अपील की गई।
बुधवार को मदरसा जामिया हजरत उमर में आयोजित शरीयत बचाओ कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए काजी ए शरआ सैयद शाहिद अली ने कहा कि कुदरत का कानून है कि सूरज पूरब से निकलता है तथा पश्चिम में डूबता है। दुनिया का कोई इंसान जिस तरह सूरज को पश्चिम से निकाल कर उसे पूरब में नहीं डुबो सकता।
इसी तरह मजहबे इस्लाम का कानून दुनिया का कोई इंसान नहीं बदल सकता है। सच्चा मुसलमान इसी का पाबंद है तथा इसी कानून पर अपनी जिंदगी गुजारता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद तथा बजरंग दल के भगवा प्रोग्राम को आगे बढ़ाने के लिए तीन तलाक के मुद्दे को उठाया जा रहा है। इसके बाद काजी ए शरआ के नेतृत्व में उलमा तथा तलब ए इल्म का एक बड़ा मजमा जुलूस की शक्ल में बादली चौराहे पर पहुंचा जहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपा गया।
इस मौके पर मौलाना हनीफ मोहतमिम जामिया हजरत उमर बादली, मौलाना मोहम्मद इक़बाल रजा, मौलाना नसीम रजा, मौलाना इरशाद, मौलाना अबरार रजा, मौलाना शाहिद रजा, मौलाना तस्वीर रजा, कारी जाने आलम, कारी इशहाक, मौलाना शमशाद आदि मौजूद रहे।