रामपुर। दो दिल मिल रहे हैं मगर चुपके चुपके, सबको हो रही है, खबर चुपके चुपके, सांसों में बड़ी बेकरारी, आंखों में कई रत जगे, कभी कहीं लग जाए दिल तो, कहीं फिर दिल न लगे.... कुुमार शानू के सुरीले अंदाज में पेश किए गए इस गाने सुनकर हुनर हाट में श्रोता झूम उठे। बेहिसाब भीड़ में लोगों ने हुनर हाट का जमकर आनंद लिया। साथ ही दस दिन में चले इस हुनर हाट में सात लाख लोग आए और हस्तशिल्प की कला को पसंद किया।
रामपुर में चल रहे हुनर हाट का सोमवार को अंतिम दिन था। लिहाजा, सुबह से ही लोग बड़ी तादात में हुनर हाट में पहुंचने लगे। वहीं, शाम को फिल्मी गायक कुमार शानू का कार्यक्रम प्रस्तावित था। ऐसे में शाम के समय तो पूरा हुनर हाट का पंडाल लोगों से खचाखच भर गया। जैसे ही कुमार शानू मंच पर पहुंचे तो उन्हें देख युवाओं ने उत्साह व्यक्त किया। इसके बाद कुमार शानू ने सबसे पहले दर्शकों का अभिवादन किया। इसके बाद सबसे पहले उन्होंने दो दिल मिल रहे हैं मगर चुपके चुपके, सबको हो रही है, खबर चुपके चुपके... गाना पेश किया। कुमार शानू के सुरीले अंदाज ने लोगों का मन मोह लिया। इसके बाद उन्होंने सांसों की जरूरत है जैसे, जिंदगी के लिए, बस एक सनम चाहिए, आशिकी के लिए... गाना पेश किया। इसी तरह एक से बढ़कर एक गाने पेश किए, जिन पर श्रोताओं ने तालियों से उनकी प्रस्तुति की सराहना की। कुमार शानू से पहले रचना चोपड़ा ने भी बॉलीवुड गीत प्रस्तुत किए। वहीं, अंतिम दिन हुनर हाट में लोगों ने जमकर खरीदारी की। विभिन्न राज्यों के व्यंजनों का आनंद लिया। इस दौरान दस दिनों में सात लाख लोग हुनर हाट में आए और देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति व हस्तशिल्पियों के हुनर से रूबरू हुए।