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रजा लाइब्रेरी वो बगीचा है जिसमें प्राकृतिक फूल खिलते हैं: मंडलायुक्त

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रामपुर। रामपुर रजा लाइब्रेरी में उपन्यासकार ईश्वर शरण सिंहल का साहित्यिक योगदान विषय पर गोष्ठी हुई। जिसमें उनके जीवन पर व्याख्यान दिए गए। साथ ही गायत्री स्मारिका का मंडलायुक्त ने विमोचन किया।
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रविवार को हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज और सेवानिवृत्त प्राचार्य और गायत्री स्मारिका डॉ. अब्दुल रऊफ व डॉ. आलोक सिंहल ने किया। गायत्री स्मारिका का विमोचन मुख्य अतिथि मंडलायुक्त ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अनवारूल हसन कादरी की तिलावते कुरान, सैय्यद नवेद कैसर शाह की नाते-पाक एवं डॉ. प्रीति अग्रवाल द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इस दौरान मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि यह बहुत बड़ी चुनौती है कि हम लोगों को कैसे इसके साथ जोड़ें। लोगों को जोड़ने के लिए हमें जिस रंग और ढंग के साथ दुनिया बदल रही है, उससे अपने आप को जोड़ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाब साहब हामिद मंजिल बनाकर अमर हो गए। लेकिन, इसके अंदर जो इसकी आत्मा है, वह इससे भी ज्यादा खूबसूरत है। इसको लोगों तक पहुंचाने का तरीका खोजना होगा। रजा लाइब्रेरी वो बगीचा है, जिसमें प्राकृतिक फूल खिलते हैं। यहां ऐसी बहुत सी किताबें, ऐतिहासिक दस्तावेज, गजेटियर सुरक्षित हैं, जिनके अध्ययन से कई मसलों को सुलझाया जाता है। रजा लाइब्रेरी शोध का केंद्र है। ये अपने आसपास के क्षेत्र की प्रमाणित ऐतिहासिक एवं साहित्यिक चीजों को सामने ला सकती है।
मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने कहा कि एक साहित्यकार के शरीर के नष्ट हो जाने के बाद उसको दुनिया समझ पाती है, जान पाती है और यही उसकी पहचान है। यही कारण है कि रजा लाइब्रेरी में हम इतने पुराने और छिपे हुए ख़जाने को ढ़ूंढ पाते हैं। हरिवंश राय बच्चन जी ने कहा था कि एक साहित्यकार, एक लेखक को सबसे ज्यादा खुशी तब नहीं होती जब उसकी पुस्तक छपती है उसके गीत का कोई कॉन्सल्ट होता है बल्कि जब वो अनायास ही किसी घाट पर चुपचाप बैठता है और उस घाट पर कोई उनके गीत या नज्म को अपनी बोली में गुनगुना रहा होता है तब उस साहित्यकार को सबसे ज्यादा खुशी होती है और उसे अपनी सफलता का एहसास होता है। कहा कि रजा लाइब्रेरी के संग्रह को डिजीटाइज करके हर एक तक पहुंचाना है जिससे पुरानी लेखनी से प्ररेणा लेकर नई पीढ़ी भी साहित्य की ओर प्रेरित होगी।
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कवि और लेखक रवि प्रकाश ने व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रोफेसर ईश्वर शरण सिंहल रामपुर के गौरव हैं। उन्होंने पूरे देश में रामपुर का गौरव बढ़ाया। हिंदी कथाकारों की अग्रणी पंक्ति में प्रोफेसर सिंहल को अत्यंत सम्मानित स्थान प्राप्त हुआ। संपादक डा. अब्दुल रऊफ ने गायत्री स्मारिका का परिचय दिया। इस मौके पर अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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