रामपुर। कोविड-19 से बचाव और उपचार की तैयारियों की समीक्षा को लेकर शनिवार को मॉक जिला अस्पताल के साथ मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, सीएचसी शाहबाद, सीएचसी बिलासपुर, सीएचसी स्वार में मॉक ड्रिल किया गया।
शनिवार को नोडल अधिकारी डॉ. सरोज अरोड़ा जिला अस्पताल पहुंच गईं। वहां उनके सामने मॉक ड्रिल किया गया। मॉक ड्रिल में एक बालक को संभावित रोगी मानकर निर्धारित समय सीमा दस मिनट के अंदर एंबुलेंस से उतारकर आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने की प्रक्रिया की गई। इस दौरान चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों ने छह मिनट में रोगी को एंबुलेंस से आईसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट उपलब्ध कराया। इसी क्रम में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय स्थित कोविड फैसिलिटी में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय कुमार चौहान ने मॉक ड्रिल किया। पीएचसी शाहबाद में डॉ. मनोज शुक्ला, सीएचसी स्वार में विश्व स्वास्थ्य संगठन की डॉ. पारूल, सीएचसी बिलासपुर में डॉ. दीपक के नेतृत्व में मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसके बाद नोडल अधिकारी ने जिला चिकित्सालय में कोविड-19 के उपचार के लिए चल रही तैयारियों का निरीक्षण किया। जिला चिकित्सालय में पीकू वार्ड, आईसोलेशन वार्ड, वेंटीलेटर संचालन, ऑक्सीजन आपूर्ति का निरीक्षण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर से बचाव और उपचार की समस्त तैयारियां पूरी हैं। जिला चिकित्सालय में 40 बेड, सीएचसी स्वार, शाहबाद, बिलासपुर और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में दस बेड आरक्षित किए गए हैं।