रायबरेली। सीएचसी में मरीजों को बंटने के लिए आईं लाखों की वैध दवाओं को कूड़े में फेंककर आग के हवाले करने के मामले में अधीक्षक और स्वास्थ्य कार्यकर्ता को सीएमओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है, जबकि चीफ फार्मासिस्ट को लालगंज से हटाकर महराजगंज भेजा गया है। उधर, सीएमओ के आदेश पर टीम ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है।
गत मंगलवार को सूचना पर लालगंज सीएचसी में एसडीएम व सीएमओ ने पहुंचकर जांच की थी। एसडीएम ने आग को बुझवाकर दवाओं को बोरियों में भराकर सील कर दिया था। मौके पर भारी मात्रा में वैध दवाएं बरामद की गईं थीं। बरामद दवाएं दो महीने बाद एक्सपायर्ड होने वाली थी, लेकिन एक्सपायर्ड दवाओं के साथ ही वैध दवाओं को भी जला दिया गया था।
जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए लालगंज सीएचसी के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार गौतम को पद से हटाकर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता अतुल कुमार को सीएमओ कार्यालय स्थित संक्रामक नियंत्रण कक्ष से संबद्ध किया गया है।
चीफ फार्मासिस्ट रामलखन को लालगंज से हटाकर महराजगंज सीएचसी भेजा गया है। उधर, जांच टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच शुरू होने के बाद हड़कंप मच गया है। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच शुरू करवा दी गई है। जांच पूरी होने के बाद अन्य कार्रवाई होगी।