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पंचायतें दबाए बैठीं 12.60 लाख, डीएम ने दी सात दिन की मोहलत

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रायबरेली। जिले के पुराने 105 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रसाधन कक्ष बनवाने का बजट ग्राम पंचायतें बीते पांच माह से दबाए बैठी हैं। इसके तहत ग्राम पंचायतों को निर्माण के लिए प्रति प्रसाधन कक्ष 12 हजार के हिसाब से 12.60 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी।
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बजट राशि मिलने के बाद भी अभी तक सिर्फ राही ब्लॉक के एक गांव में ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जतायी है।
उन्होंने ब्लॉक में तैनात 15 खंड विकास अधिकारियों को नोटिस देकर सात दिन में निर्गत धनराशि का हिसाब किताब देने का अल्टीमेटम दिया है। इसे लेकर मनमानी बरत रहे प्रधानों व ग्राम सचिवों में हड़कंप है।
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पिछले वित्तीय वर्ष में शौचालय विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों का सर्वे कराने के बाद 105 ऐसे केंद्र मिले थे, जहां प्रसाधन कक्ष का निर्माण होना था।
इसमें जगतपुर ब्लॉक में सात, अमावां में तीन, महराजगंज में पांच, डीह में छह, हरचंदपुर में छह, ऊंचाहार में चार, डलमऊ में 11, गौरा में छह, खीरों में 12, लालगंज में छह, सलोन में छह, सतांव में 11, सरेनी में पांच, राही में आठ, रोहनियां में नौ आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय बनवाया जाना था।
इसके लिए विभाग की ओर से संबंधित पंचायतों को पिछले जून माह में प्रति प्रसाधन कक्ष 12-12 हजार रुपये के हिसाब से बजट भेजकर एक माह में प्रसाधनों का निर्माण पूरा कराकर इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा गया था।
पांच माह बीत जाने के बाद भी अभी तक ब्लॉक से जुड़े 104 गांवों में प्रसाधन कक्ष के निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। सिर्फ राही ब्लॉक के एक गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर ही निर्माण का काम शुरू हो पाया है।
इस मामले में डीएम ने सभी 15 ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों से सात दिन में काम पूरा कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को निर्देशित किया है।
डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा ने बताया कि संबंधित ब्लॉक के बीडीओ व एडीओ को तय समयावधि में प्रसाधन कक्षों का निर्माण कार्य पूरा करवाने की निगरानी सौंपी गयी है।
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