रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब चलती पद्मावत एक्सप्रेस से एक बंदी सिपाहियों को चकमा देकर कूदकर भाग गया। जब तक ट्रेन रुकती और सिपाही उसे दौड़ाते, तब तक बंदी गायब हो गया। बंदी को सुल्तानपुर जिले में पेशी के बाद रायबरेली लाया जा रहा था, तभी यह घटना हुई।
सूचना पर जीआरपी और सिविल पुलिस ने बंदी की खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। सिपाहियों से जीआरपी पूछताछ कर रही है। सिपाही की तहरीर पर बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।
अमेठी जिले के भिलईखुर्द निवासी अल्ताफ के खिलाफ हत्या, लूट समेत कई आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। मौजूदा समय में अल्ताफ रायबरेली जिला कारागार में बंद चल रहा है। बुधवार को बंदी को रायबरेली जिला कारागार से पेशी के लिए सुल्तानपुर ले जाया गया था।
रात में अमेठी जिले के दो सिपाही आज्ञा राम, उमाशंकर यादव उसे पद्मावत एक्सप्रेस से लेकर रायबरेली आ रहे थे। जैसे ही पद्मावत एक्सप्रेस रायबरेली जंक्शन के करीब पहुंचने वाली थी, तभी बंदी अल्ताफ सिपाहियों को चकमा देकर चलती ट्रेन से कूद गया। इससे पहले कि ट्रेन रुकने पर सिपाही दौड़कर उसे पकड़ते, वह भाग निकला।
सिपाहियों ने इसकी सूचना जीआरपी थाने में दी तो हड़कंप मच गया। सदर कोतवाल सुधीर चंद्र पांडेय समेत अन्य पुलिस कर्मी पहुंच गए। सिविल और जीआरपी ने बंदी की खोजबीन की, लेकिन सुराग नहीं लगा। सिपाहियों से जीआरपी पूरे प्रकरण की पूछताछ कर रही है।
जीआरपी थानेेदार चेतराम वर्मा का कहना है कि स्टेशन के पास ट्रेन की रफ्तार धीमी हुई, तभी बंदी कूदकर भाग निकला। सिपाहियों से पूछताछ की जा रही है। बंदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जेल अधीक्षक रायबरेली अमिता दुबे का कहना है कि जिस जिले का बंदी होता है, वहीं जिले की पुलिस पेशी पर ले जाती है।
एसपी अमेठी संताेष सिंह का कहना है कि ट्रेन से कूदकर बंदी अल्ताफ के भागे जाने की सूचना मिली है। मोहनगंज थाने से सिपाहियोें की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच कराकर सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।