सलोन कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात दो गांवों के पांच घरों को डकैतों ने निशाना बनाया। इस बार डकैतों ने मारपीट के बजाय लोगों को नशीला पदार्थ सुंघाकर उन्हें बेहोश कर दिया और फिर नकदी, जेवरात समेत छह लाख से अधिक का माल लूटकर भाग गए।
यही नहीं एक युवक को कमरे में बंद कर दिया। सुबह लोगों को होश आया तो वारदात की जानकारी से सभी दंग रह गए। कोतवाली पुलिस के अलावा सीओ सलोन ने पहुंचकर मामले की पड़ताल की। डकैतों की संख्या छह से सात बताई जा रही है। हालांकि पुलिस घटना को चोरी बता रही है और जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के केसवापुर गांव निवासी जमुना प्रसाद तिवारी परशदेपुर स्थित नहर कोठी में सिंचाई विभाग में पतरौल पद पर तैनात है। रात में रिश्तेदारी में तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कानपुर गया था। उसका परिवार घर पर था।
बेटा पुष्पेंद्र तिवारी कमरे के अंदर और पत्नी तारा देवी, बहू ममता घर के अंदर आंगन में सो रही थी। साथ ही सिंचाई कर्मी का छोटा बेटा धीरेंद्र परिवार समेत छत पर हो सो रहा था। रात में डकैत छत पर सीढ़ी से चढ़े और नशीला पदार्थ धीरेंद्र और उसके परिवार के सदस्यों को सुंघाकर बेहोश कर दिया।
इसके बाद घर के अंदर आए और पुष्पेंद्र को कमरे में बंद कर दिया और ढाई तोला का हार, एक कंगन, चार ग्राम माथबेंदी, सोने की चार अंगूठी, तीन ग्राम के टॉप्स, सात ग्राम का झुमका, चार छोटे मंगलसूत्र, एक बड़ा मंगलसूत्र, दो किलो चांदी के जेवरात आदि सामान लूट लिया।
इसी बीच ममता की जानकारी हुई तो उसने शोरगुल मचाया तो डकैत भाग गए। किसान शिव बरन द्विवेदी के घर से एक हजार रुपये की नकदी सिर्फ लूट पाए। पूरे अहिरन मजरे केसवापुर कमलेश कुमार लोक निर्माण विभाग में बेलदार है।
बेलदार के घर पर भी डकैतों ने धावा बोला। यहां से 35 हजार रुपये की नकदी, एक जोड़ी बाला, एक जोड़ी झुमकी, एक जोडी़ मंगलसूत्र, चांदी के दो पायल लूट ली। इसी गांव के मोतीलाल के घर के सदस्यों को नशीला पदार्थ सुंघाकर सबको बेहोश कर दिया।
इसके बाद आलमारी, बक्सा का ताला तोड़कर 10 हजार रुपये की नकदी, चांदी के तीन जोड़ी पायल, सोने का एक मंगलसूत्र, एक सोने का बेसर, एक जोड़ी झुमकी, तीन कील सोने की, एक माथटीका, एक अंगूठी, एक हॉफपेटी लूट ली। मोतीलाल कपड़ा सिलाई का कार्य करता है।
पांच घरों में छह लाख से अधिक की डकैती हुई। सुबह होश आने पर वारदात की भनक हो सकी। सीओ सलोन व कोतवाल बीके सिंह ने पहुंचकर वारदात की पड़ताल की। सिंचाई कर्मी जमुना प्रसाद तिवारी के भतीजे जमुना के घर भी डकैत पहुंचे, लेकिन यहां पर परिवारीजनों की नींद खुल गई। इस पर डकैत वहां से फरार हो गए।
चूंकि अंधेरा था, इसलिए ग्रामीण उन्हें पकड़ने में सफल नहीं हो सके। पर एक ही रात पांच घरों में हुई इस वारदात ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया। सिंचाई कर्मी की बहू ममता का कहना है कि डकैतों की संख्या छह-सात के करीब थी।
सभी कच्छा बनियान पहने हुए थे। साथ ही सभी काले रंग के थे और उनके बाल बड़े-बड़े थे। ममता का कहना है कि सभी जानमाल की धमकी दे रहे थे। वह असलहों से भी लैस थे। शोरगुल मचाने पर सभी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
डकैतों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को नहीं, बल्कि कुत्तों तक को नशीला पदार्थ सूंघाकर बेहोश कर दिया। ताकि वह बड़े आराम से वारदात को अंजाम दे सके, जिससे किसी को इसकी भनक तक न लग सके। वारदात से ग्रामीणों में आक्रोश भी है।
वहीं सीओ सलोन अवधेश कुमार पांडेय का कहना है कि सलोन कोतवाली क्षेत्र में डकैती या लूट की नहीं, बल्कि चोरी की घटना हुई है। चोरों ने नशीला पदार्थ सूंघाकर पहले लोगों को बेहोश कर दिया और फिर नकदी, जेवरात सामान चोरी कर ले गए। जांच कराई जा रही है। जल्द खुलासा करके चोरों को जेल भेजा जाएगा।