अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को गर्भवती को चारपाई पर बांध केरोसिन छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। मृतका के पिता का आरोप है कि ससुराली पक्ष दहेज की डिमांड कर रह था। डिमांड पूरी न होने पर उसकी बेटी को मार डाला गया।
उसे 10 दिनों से भूखे रखा गया था। पिता ने पति समेत चार ससुरालीपक्ष के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस जांच कर रही है। अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के कोलवा मजरे अहोरवा भवानी की रहने वाली हकीकुननिशा (30) की शादी 10 साल पहले इसी जिले के मोहनगंज क्षेत्र के कमई गांव निवासी शकील अहमद के साथ हुई थी।
इस समय हकीकुननिशा गर्भवती थी। शकील दिल्ली में कपड़ा सिलने का कार्य करता है। इस समय घर पर ही था। आरोप है कि सुबह ससुरालीपक्ष ने उसे चारपाई पर बांधकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
जानकारी होने पर ग्रामीणों ने घटना का विरोध किया और ससुरालीपक्ष को फटकार लगाई तो वह हकीकुननिशा को गंभीर हालत में लेकर जिला अस्पताल रायबरेली पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
बेटी की मौत की सूचना पर पिता शाकिर मौके पर पहुंचा। पिता का आरोप है कि ससुरालीपक्ष दहेज की डिमांड कर रहा था। डिमांड पूरी न करने पर बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। 10 दिन से उसे भूखा रखा गया था।
पिता ने थाने में मृतका के पति शकील अहमद, सास रहमुतनिशा, ससुर मो. शमी, ननद रेहानाबानो के खिलाफ बेटी को जलाकर मार डालने की तहरीर दी है। थानेदार रामराघव सिंह का कहना है कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट लिखकर जांच की जा रही है।