फर्जी कंपनी बनाकर करीब एक हजार लोगों से एक करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामला उजागर हुआ तो पुलिस ने गोरखधंधे के संचालक को हिरासत में ले लिया। वहीं इस कार्य में शामिल एक महिला संचालक की तलाश में छापेमारी की जा रही है। ग्राहकों से आरडी व एफडी खोलकर धोखाधड़ी की गई है। ग्राहकों ने जब रुपया वापस करने का दबाव बनाया तो संचालक ने कार्यालय में ताला लटका दिया था। किसी न किसी पद नाम से तैनात किया गया स्टाफ भी फरार है।
पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त 2014 में सिविल लाइंस स्थित पेट्रोलपंप के सामने डेलाइट स्काई निधि लिमिटेड का कार्यालय खोला गया था। इसके जरिए कंपनी आरडी व एफडी के लिए रुपये जमा कराती थी और बांड पेपर देती थी। रुपया वसूलने के लिए एजेंट बनाए गए थे। लोगों ने इन्हीं एजेंटों के माध्यम से रुपया जमा किया था। जब कुछ निवेशकोें की एफडी पूरी हो गई तो उन्होंने एजेंटों से भुगतान कराने की बात कही।
एजेंटों का दबाव बढ़ने पर कंपनी संचालकों ने कंपनी के दफ्तर में ताला लटका दिया। एजेंटों ने संचालकों से मोबाइल से संपर्क किया तो उनके मोबाइल स्विच ऑफ बताते रहे। रुपया न मिलने पर मंगलवार शाम ओम कुमारी, कुसुमा, उर्मिला, रिहाना बानो, नाजमा बानो, महमूद, सीतावती, शाकिरा बानो, शबीना, मोसिम, माधुरी, सोनी, लल्ली, सुमन पाल आदि ने इस मामले की तहरीर सदर कोतवाली में दी।
जांच अधिकारी सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज शिवशंकर गुप्ता ने कंपनी संचालक को दबोच लिया। चौकी इंचार्ज का कहना है कि कंपनी संचालक का नाम शुभाशीष यादव है, जो शहर के ग्रिबशाह का पुरवा का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है। धोखाधड़ी में एक महिला संचालक भी शामिल है, जो डलमऊ कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली है। उसकी तलाश की जा रही है। करीब एक हजार लोगों से एक करोड़ रुपये की ठगी की बात सामने आई है।
एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जांच कराई जा रही है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ितों को रुपया वापस दिलाया जाएगा। पुलिस के मुताबिक अच्छे फायदे की बात बताकर ग्राहकों को ठगी का शिकार बनाया गया। आरडी व एफडी के नाम से किसी से दो हजार रुपये तो किसी से पांच हजार रुपये वसूले गए। चौकी इंचार्ज का कहना है कि अब तक की जांच में करीब एक हजार लोगों से ठगी की बात सामने आई है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है।
तहरीर में एक करोड़ रुपये ठगी करने की बात कही गई है। ठगी का शिकार हुए लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस की मानें तो अधिक रुपया कमाने की चाहत में हिरासत में लिए गए संचालक ने गोरखधंधा किया। पहले सुल्तानपुर जिले में किसी कंपनी में काम करता था। वहां पर नौकरी छोड़कर यहां पर आ गया और स्वयं एक कंपनी बनाकर आरडी व एफडी के नाम से रुपये जमा कराने लगा।