तिलोई (रायबरेली)। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक के बेटे के अपहरण के मामले में मोहनगंज पुलिस ने शुक्रवार को पूछताछ के बाद दो सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि सगे भाइयों ने अपने पिता की जमानत कराने के लिए प्रबंधक के बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगी थी। लेकिन पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अपहृत युवक को छुड़ा लिया।
अमेठी जिले के एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि कमरौली बीएचईएल निवासी शिव कुमार निगम दखिनवारा स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक हैं। मोहनगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को शाखा प्रबंधक के बेटे गौरव कुमार निगम का अपहरण कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
पुलिस ने अपहरण के करीब 12 घंटे बाद ही देर रात मुठभेड़ के दौरान गौरव को बदमाशों के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया था। साथ ही पुलिस ने मोहनगंज क्षेत्र के शिवपुर गांव निवासी आदित्य शुक्ला, उसके भाई अभय शुक्ला के अलावा शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के अहोरवा भवानी निवासी अक्षय प्रताप सिंह, शिवपुर गांव निवासी महेश कुमार शुक्ला को पकड़ लिया था। फायरिंग एसओजी प्रभारी के हाथ में गोली लगी थी। जबकि एक बदमाश भी गोली लगने से घायल हो गया था।
एसपी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने कुबूला है कि हम लोगों को मालूम था कि अपहृत युवक के पिता बैंक में शाखा प्रबंधक हैं। इस वजह से हम लोगों को मुंह मांगी रकम मिल जाएगी। इसी रकम की जेल में बंद पिता की जमानत हो जाएगी। बताया कि अपहरण करने के लिए हम लोगों ने ऑनलाइन जूम कार ऐप के माध्यम से गोमती नगर लखनऊ से बिना ड्राइवर के 15 हजार रुपये में चार पहिया वाहन बुक किया था।
पश्चिम बंगाल की जेल में बंद है पिता
एसपी ने बताया कि सगे भाई आदित्य शुक्ला और अभय शुक्ला ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसके पिता रमेश शुक्ला टैक्सी संचालक हैं। 19 जुलाई को पिता अपनी गाड़ी लेकर लखनऊ से पश्चिम बंगाल गए थे। कस्टम विभाग ने सिलीगुड़ी में गाड़ी पकड़ ली थी। गाड़ी से करीब आठ किलो सोना बरामद हुआ था, जिसकी कीमत चार करोड़ 15 लाख थी।
मामले में उनके पिता जेल में बंद हैं। पिता की जमानत के लिए रुपयों की व्यवस्था करने के लिए अपहरण जैसी घटना को अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि बदमाशाें के पास से चार पहिया वाहन के अलावा 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। एसपी ने बताया कि बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।