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ओपीडी में कोरोना जांच जरूरी, हर विभाग 60 मरीजों का करेंगे इलाज

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रायबरेली। एम्स में कोरोना का कहर बढ़ने के बाद सामान्य ओपीडी में एहतियात बरतने के आदेश दिए गए हैं। गुरुवार से ओपीडी में आने वालों को कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट या फिर दोनों टीके लगवाने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है।
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एम्स के सभी विभागों में 20 पुराने और 40 नए मरीजों को ही ओपीडी में शामिल होने का मौका मिलेगा। मास्क के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने के आदेश दिए गए हैं।
एम्स के अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए ओपीडी की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
बताया कि सभी विभाग हर रोज पुराने 20-20 मरीजों को चिकित्सीय सलाह देंगे। इसके अलावा हर विभाग में रोजाना 40 नए मरीज ओपीडी में शामिल हो सकते हैं।
कोरोना की निगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट या टीके की दोनों डोज लगने का प्रमाणपत्र देने के बाद ही ओपीडी में प्रवेश मिल सकेगा। साथ ही बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश न देने के आदेश दिए गए हैं।
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घर बैठे ऑनलाइन ओपीडी में लें चिकित्सीय सलाह
एम्स के रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि एम्स की वेबसाइट पर सभी विभागों के डॉक्टरों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं।
डॉक्टरों के मोबाइल नंबर पर बात करके या व्हाट्सएप पर मैसेज करके घर बैठे चिकित्सीय सलाह ली जा सकती है। घर से बाहर न निकलने से कोरोना से खुद के बचा सकते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अधिक से अधिक ऑनलाइन ओपीडी का प्रयोग किया जाए।
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