रायबरेली। परिवहन निगम के संविदा चालक और परिचालक मनमानी पर अमादा हैं। सात सितंबर को बिना अनुमति के लखनऊ में आयोजित धरने में शामिल होने गए 60 संविदा-चालकों-परिचालकों पर शिकंजा कसा गया है।
सभी पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकर 1.20 लाख रुपये वेतन से वसूलने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही संविदा कर्मचारी संघ के छह लोगों को डिपो से बाहर स्थानांतरित करने की संस्तुति भी कर दी गई।
सात सितंबर को रोडवेज के संविदा चालकों और परिचालकों का लखनऊ में धरना था। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को बिना सूचना दिए 60 चालक व परिचालक लखनऊ धरने में शामिल होने के लिए चले गए थे।
इससे बसों का संचालन प्रभावित हो गया था। इससे निगम को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा था। मामले में एआरएम अक्षय कुमार ने गंभीर रुख अपनाते हुए सभी 60 संविदा चालक व परिचालकों पर शिकंजा कसा है।
सभी पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए वेतन से 1.20 लाख रुपये की कटौती के आदेश दिए हैं। इसके अलावा छह संविदा कर्मियों का तबादला डिपो से बाहर करने की संस्तुति करके क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेज दिया है। अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आठ क्विंटल लगेज मिला, परिचालक की संविदा खत्म
एआरएम ने प्रयागराज से लखनऊ जा रही बस को चेक किया था। बस पर आठ क्विंटल से अधिक सामान लादा गया था, लेकिन सामान से संबंधित किराए के लिए टिकट नहीं काटा गया था। यही नहीं सामान के साथ बस पर कोई सवार भी नहीं था। मामला पकड़ में आने के बाद एआरएम ने संविदा परिचालक मो. नईम की संविदा खत्म कर दी है।
अनुशासनहीनता में दो परिचालकों की नौकरी गई
अनुशासनहीनता करने पर एआरएम ने दो संविदा परिचालकों को सेवा से मुक्त कर दिया है। परिचालक विवेक सिंह बिना सूचना के लंबे समय से काम पर नहीं आ रहे थे। नोटिस के बाद भी जवाब न देने पर संविदा खत्म कर दी गई है। इसी तरह संविदा परिचालक पीयूष दीक्षित को भी अनुशासनहीनता में बाहर कर दिया गया है।
बिना अनुमति के लखनऊ धरने में गए 60 संविदा चालकों-परिचालकों पर दो-दो हजार जुर्माना लगाया गया है। छह संविदा कर्मियों को डिपो के बाहर स्थानांतरित करने की संस्तुति की गई है। तीन संविदा परिचालकों की सेवा समाप्त की गई है।
अक्षय कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रायबरेली