रायबरेली। मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यालयों में 141 रसोइयों के पद खाली चल रहे हैं, जिन पर रसोइयों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मध्याह्न भोजन योजना में किसी तरह की असुविधा न हो, इसलिए जल्द से जल्द रसोइयों का चयन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र भी जारी कर दिया है।
जिले में मध्याह्न भोजन योजना के तहत वर्तमान में 6349 रसोइये तैनात है। रसोइयों की मृत्यु हो जाने, अन्यत्र प्रवास करने, निजी कारणों से त्यागपत्र देने अथवा ग्राम प्रधान बन जाने समेत अन्य कारणों से कई स्कूलों में रसोइयों के पद खाली हो गए हैं।
रिक्त हुए रसोइयों के पद पर चयन की कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए, जिस पर बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। जिला समन्वयक (एमडीएम) विनय कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में रसोइयों के 141 पद खाली हैं, जिन पर चयन प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
बजट के अभाव में अप्रैल से नहीं मिल रहा मानदेय
बजट न मिलने के कारण मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यालयों कार्यरत 6349 रसोइयों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है। जिले की सभी रसोइये अप्रैल से मानदेय का इंतजार कर रही हैं। हर महीने डेढ़ हजार रुपये मानदेय पाने वाली रसोइयों को आर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही है।
एमडीएम के जिला समन्वयक ने बताया कि रसोइयों को मार्च महीने तक का मानदेय दे दिया गया था। इसके बाद बजट नहीं मिला। बजट मिलते ही रसोइयों को मानदेय भेज दिया जाएगा।