कुंडा। शौच को निकली विवाहिता लापता हो गई। उसकी चप्पल और लोटा दुअर नाले के करीब मिला। इससे लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद महिला ने नाले में कूदकर जान दे दी है। पूरे दिन खोज की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। दूसरे दिन करीब 11 बजे उसका शव मवई गांव के पास नाले में उतराया मिला। सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने पति पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के दुखछोर का पुरवा गांव निवासी रचना देवी (35) पत्नी लक्ष्मी नारायण उर्फ विजय बृहस्पतिवार को दिन में करीब 11 बजे शौच के लिए निकली थी। जब वह काफी देर तक नहीं लौटी तो उसकी खोजबीन की जाने लगी। इस दौरान गांव के बगल से गुजरे दुअर नाले के पास उसकी चप्पल मिली। इससे लोगों ने अंदाजा लगाया कि वह नाले में डूब गई है। सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। शुक्रवार को महिला का शव मवई गांव के पास नाले में उतराता मिला।
जानकारी होते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को नाले से बाहर निकलवाया। रचना का मायका प्रयागराज के नवाबगंज थाना क्षेत्र में है। उसकी शादी 11 वर्ष पूर्व हुई थी। उसका एक 9 वर्ष का बेटा और 7 वर्ष की बेटी है। महिला के पिता का आरोप है कि उसकी बेटी की हत्या उसका पति लक्ष्मी नारायण ने ही की है। वह आए दिन उसे प्रताड़ित करता रहता था। उसने ही शौच के लिए निकली रचना की हत्या कर शव दुवर नाले में फेंक दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रसव के दौरान अस्पताल में महिला की मौत
बाघराय। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन महिला को अस्पताल ले गए। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बाद में जिला अस्पताल से उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया। इस दौरान उसकी मौत हो गई। इससे परिजनों में चीखपुकार मच गई।
बाघराय थाना क्षेत्र के बारौं गांव निवासी सवीहानाज (35) पत्नी जाकिर अली को बृहस्पतिवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सीएचसी बाघराय ले गए। डॉक्टरों ने प्रारंभिक इलाज के बाद हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां से भी डॉक्टरों ने उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। प्रयागराज ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से परिजनों में चीखपुकार मच गई। मृतका के तीन बेटे कासिद, अल्ताफ, जुबैर का रो-रोकर बुरा हाल है।