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घर पहुंचा सैनिक का पार्थिव शरीर, अंतिम यात्रा में उमड़ा हुजूम

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बाबा बेलखरनाथ ब्लाक के सराय नानकार में शहीद चंद्रलोक तिवारी का शव लेकर पहुंचे सेना के लोग। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के दौरान पहाड़ टूटकर गिरने से शहीद सेना के जवान रितेश पाल का शव शनिवार देर रात घर पहुंचा। शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। रविवार को सुबह सेना के वाहन से शहीद सैनिक की शव यात्रा निकाली गई। इस दौरान चारों तरफ रितेश पाल अमर रहें के नारे गूंजते रहे।
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घर के करीब ही अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री की ओर से भेजी गई आर्थिक मदद का चेक परिजनों को सौंपा गया। अपने मिट्टी के लाल को हजारों लोगों ने आंसुओं के बीच अंतिम विदाई दी।
अंतू थाना क्षेत्र के पूरे भैया के रहने वाले रितेश पाल सेना के इंजीनियरिंग कोर में कार्यरत थे। हिमाचल प्रदेश के मनाली में उनकी तैनाती थी। शुक्रवार की सुबह भुस्खलन के दौरान हाईवे से मलबा हटाते समय उनके ऊपर पहाड़ टूटकर गिर पड़ा।
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जिसकी चपेट में आने से रितेश गहरी खाई में मलबे के नीचे दब गए। साथी सैनिकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, मगर तब तक देर हो चुकी थी। शहीद रितेश पाल का पार्थिव शरीर लेकर नायब सूबेदार अजय कुमार के नेतृत्व में सेना के जवान शनिवार की रात घर पहुंचे।
बरसात के चलते पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया। रविवार की सुबह करीब दस बजे शवयात्रा निकाली गई। मीराभवन से अंबेडकर चौराहा होते हुए वापस यात्रा पूरेभैया पहुंची। बरसात के बीच हजारों की संख्या में जुटे लोग रितेश पाल अमर रहें के नारे लगा रहे थे।
शहीद की पत्नी, मां सुशीला देवी, बेटा प्रतीक, बेटी अनन्या व पिता मूलचंद्र पाल के अलावा परिवार के अन्य सदस्य शव से लिपटकर रोने लगे। परिवार के लोगों को संभालना मुश्किल हो गया था। कुछ देर बाद शहीद के शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
अंतिम दर्शन करने के लिए लोग धक्कामुक्की करते रहे। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल, पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल व अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र कुमार द्विवेदी शहीद की शव यात्रा में शामिल हुए। सांसद संगमलाल गुप्ता, सदर विधायक राजकुमार पाल, डीएम, एसपी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शव यात्रा के साथ पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ, कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह के प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, सपा नेत्री शांति सिंह, कांग्रेस नेता नीरज त्रिपाठी, कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के प्रतिनिधि विनोद पांडेय, सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव, सुषमा पाल, मनीष पाल, परमानंद मिश्रा, संतोष दुबे, अंजनी सिंह समेत तमाम नेता व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
घर से कुछ दूर बाग में बने अंत्येष्टि स्थल पर पुष्प वर्षा के बीच उनका पार्थिव शरीर ले जाया गया। शहीद के सम्मान में प्रयागराज से आए सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। शहीद के पिता मूलचंद ने करीब 12 बजे पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
बरसात में भीगते हुए डटे रहे अफसर व लोग
शहीद रितेश पाल के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रविवार सुबह से ही पूरेभैया से लेकर मर्चरी तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। बरसात में भीगते हुए उपजिलाधिकारी सदर मोहनलाल गुप्ता, सीओ सिटी अभय पांडेय अंतिम संस्कार स्थल से घर तक पार्थिव शरीर पहुंचने के लिए रास्ता बनवाते रहे। शव यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। बरसात में भीगते हुए अफसर व अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचने वाले लोगों का हुजूम डटा रहा। हर कोई अंतिम विदाई देने के लिए आतुर दिखा।
शहीद के घर से अंतिम संस्कार स्थल तक दलदल से गुजरे लोग
सदर विकासखंड के पूरेभैया के शहीद रितेश पाल के घर से लेकर अंतिम संस्कार स्थल तक लोगों को प्रशासन की लापरवाही के चलते कीचड़ व दलदल से गुजरना पड़ा। जबकि प्रशासनिक अमला बरसात के चलते होने वाली परेशानी पहले ही समझता था। इसके बाद भी लोगों को परेशानी से बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। हर कोई प्रशासनिक अधिकारियों को कोसता नजर आया। अंतिम संस्कार के लिए परिवार की ओर से ही लकड़ी का इंतजाम किया गया।
सरायनानकार में सैनिक का शव पहुंचते ही मचा कोहराम
बीमारी की गिरफ्त में आए सैनिक की मौत के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। रविवार को प्रयागराज से आए सैनिकों की अंतिम सलामी के बाद परिजन पार्थिव शरीर लेकर अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज रवाना हुए। प्रशासिनक अधिकारियों के दूरी बनाने व भेदभाव से ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया।
कंधई थाना क्षेत्र के सराय नानकार निवासी चंद्रलोक तिवारी (26) सेना में राजस्थान की जोधपुर बटालियन में तैनात थे। अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें दिल्ली के सैनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार की रात चंद्रलोक ने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। रविवार भोर में उनका पार्थिव शरीर लेकर सैनिक एंबुलेंस से घर पहुंचे। शव पहुंचते ही परिजन बिलखने लगे। गांव के लोगों का भी जमावड़ा होने लगा। प्रयागराज से ग्रुप कमांडर अनिल कुमार पुनिया के नेतृत्व में आए सैनिकों ने अंतिम सलामी दी। ग्रुप कमांडर ने सैनिक की पत्नी रुचि तिवारी को तिरंगा भेंट किया।
चंद्रलोक के अंतिम संस्कार से प्रशासनिक अधिकारी दूरी बनाए रहे। जिसे लेकर लोगों में आक्रोश दिखा। परशुराम सेना के अध्यक्ष अनिल पांडेय ने अधिकारियों से बात करते हुए भेदभाव पर नाराजगी जताई। कुछ देर बाद एसडीएम रानीगंज पहुुंचे, मगर कोई व्यवस्था नहीं कर सके।
जिसके चलते परिजन शव को प्राइवेट वाहन से लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। लोगों में प्रशासन की व्यवस्था को लेकर आक्रोश दिखा। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी, योगेश मिश्र योगी, जिला पंचायत सदस्य पूनम इंसान, डीपी इंसान, दिनेश तिवारी, अंशुमान सिंह, केके शर्मा ने सैनिक को अंतिम विदाई दी।

बाबा बेलखरनाथ ब्लाक के सराय नानकार में शहीद चंद्रलोक तिवारी सलामी देते सेना के जवान। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

शहीद रितेश पाल। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH

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