बीमारी की गिरफ्त में आए सैनिक की अंतिम विदाई में प्रशासनिक अफसरों के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त रहा। रविवार को प्रयागराज से आए सेना की सलामी के बाद परिजन पार्थिव शरीर लेकर अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज रवाना हुए।
बीमारी की गिरफ्त में आए सैनिक की अंतिम विदाई में प्रशासनिक अफसरों के न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त रहा। रविवार को प्रयागराज से आए सेना की सलामी के बाद परिजन पार्थिव शरीर लेकर अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज रवाना हुए।
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कंधई थाना क्षेत्र के सराय नानकार निवासी चंद्रलोक तिवारी (26) सेना में राजस्थान की जोधपुर बटालियन में तैनात थे। अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें दिल्ली के सैनिक अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार की रात चंद्रलोक ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। रविवार भोर में उनका पार्थिव शरीर लेकर सैनिक एंबुलेंस से घर पहुंचे।
प्रयागराज से ग्रुप कमांडर अनिल कुमार पुनिया के नेतृत्व में आए सैनिकों ने अंतिम सलामी दी। उधर चंद्रलोक के अंतिम संस्कार से प्रशासनिक अधिकारी दूरी बनाए रहे, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश दिखा। परशुराम सेना के अध्यक्ष अनिल पांडेय ने अधिकारियों से बात करते हुए भेदभाव पर नाराजगी जताई। कुछ देर बाद एसडीएम रानीगंज पहुुंचे, मगर कोई व्यवस्था नहीं कर सके। परिजन पार्थिव शरीर को प्राइवेट वाहन से लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए।