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Raja Bhaiya : राजाभैया पर अमर्यादित आचरण पर परिवाद दाखिल, मीडियाकर्मी पर अपमानित करने का आरोप

Fri, 12 Jan 2024 07:19 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

आरोप है कि मीडियाकर्मी ने सात जनवरी को एक समाचार पोस्ट किया, जिसमें उसके द्वारा राजा भैया के बारे में कथित अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया है। परिवाद में कहा गया है कि राजा भैया की छवि को धूमिल करने के लिए यह कुचक्र रचा गया है।
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रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया के बारे में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने से नाराज पार्टी के जिला महासचिव राजकुमार सिंह ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। आरोप है कि मीडियाकर्मी ने सात जनवरी को एक समाचार पोस्ट किया, जिसमें उसके द्वारा राजा भैया के बारे में कथित अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया है। परिवाद में कहा गया है कि राजा भैया की छवि को धूमिल करने के लिए यह कुचक्र रचा गया है।

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नाबालिग के साथ दुष्कर्म में 25 वर्ष का कारावास, तीस हजार रुपये जुर्माना

अपर जिला जज और विशेष न्यायाधीश पाक्सो आलोक व्दिवेदी ने नाबालिग पीड़िता के साथ छेड़खानी व दुष्कर्म के आरोपी अनिल चौरसिया निवासी थाना फतनपुर को 25 वर्ष का कारावास तथा तीस हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाया है। अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके मानसिक, चिकित्सी आघात एवं पुनर्वास के लिए जी जाएगी।

 

घटनाक्रम के अनुसार पीड़िता कक्ष दस की छात्रा थी, विद्यालय के अध्यापक अनिल चौरसिया ने पीडिता को अधिक अंक दिलाने का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक शोषण करते रहा। शिक्षक ने उसकी आपत्तिजनक फोटो बनाकर ब्लैकमेल करता था ।

पीडिता ने न्यायालय में उपस्थित होकर बताया कि उसके विद्यालय के अध्यापक ने उसकी मैथ की बुक ले लिया और बुक लेने के लिए अपने घर बुलाया पीडिता 9 फरवरी 2020 को दिन में एक बजे उसके घर गई, तो अभियुक्त ने उसे घर के अंदर जबरदस्ती खींच लिया और कमरे का दरवाजा बंद करके उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। इसी मुकदमे में सह आरोपी अमित चौरसिया, पवन चौरसिया, राजू उर्फ रोहित चौरसिया को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया। पीड़ित की ओर से लोक अभियोजक प्रदीप कुमार पांडेय ने पैरवी की थी।

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