वर्ष 2018 में मामले की पुनर्विवेचना का आदेश हुआ और विवेचना कोतवाली में तैनात दरोगा राजवकील मिश्र को मिली। जांच के दौरान सदर बाजार स्थित 152 मकान नंबर बिट्टल देवी पत्नी सुंदरलाल के नाम दर्ज मिला। यह भी पता चला कि उन्होंने कुछ लोगों को मकान बेचा है। इसमें शुआट्स के निदेशक का नाम कहीं भी दर्ज नहीं है।
जांच के दौरान पता चला कि प्रतापगढ़ में शुआट्स वीसी ने शैलेंद्र कुमार सिंह के घर में कृषि प्रसार के लिए कार्यालय खोला था। हालांकि विवेचक राजवकील मिश्र ने भी मुकदमे में एफआर लगा दी। शुआट्स वीसी के खिलाफ प्रयागराज में कार्रवाई के दौरान फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई। एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद फरवरी 2023 में तीसरी बार विवेचना प्रारंभ हुई।
नगर कोतवाली में तैनात दौलत यादव के बाद निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह ने नए सिरे से विवेचना पूरी कर अक्तूबर 2023 में आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। जो पता शस्त्र लेते समय दर्शाया गया है, उस भवन के स्वामी ने तीनों के बारे में जानकारी से अनभिज्ञता जताई। नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी राबिन एल प्रसाद की मौत हो चुकी है। ऐसे में आरोपी विनोद बिहारी लाल, डॉ. आरबी लाल व एके लारेंस के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।