मानस की चैपाई के माध्यम से दिया संदेश
शनिवार को बेंती में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में राजाभैया ने पलटवार करते हुए रामचरित मानस की चौपाई कहऊं सुभाउ न कुलहि प्रसंसी, कालहूं डरहिं न रन रघुबंस (रघुवंशी रण में काल से भी नहीं डरते) का जिक्र करते हुए कहा कि बस इहै है कि बर्दाश्त करत अही।
आप सबके कारण, आप सबके आशीर्वाद से यह सद्बुद्धि रही है कि बहुत बचा के चले हैं। दस तारीख तक हमहू का इंतजार अहय। राजाभैया का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आखिरी सांस तक लड़ी जाएगी मान-सम्मान की लड़ाई
रविवार को जेल में बंद सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव के नाम से एक मैसेज तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इस मैसेज के जरिए बिना नाम लिए राजाभैया पर हमला किया गया है। सपा जिलाध्यक्ष के नाम से जारी की गई पोस्ट में लिखा गया है कि मान-सम्मान की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ी जाएगी। इससे पीछे नहीं हटा जाएगा।
पोस्ट में लिखा गया है कि आज क्या जरूरत पड़ गई जो ब्राह्मण सम्मेलन करना पड़ रहा है। 1993 से लेकर अब तक ब्राह्मणों की उपेक्षा की गई। अपमानित किया गया। आज ब्राह्मण सम्मेलन हो रहा है। उनसे पूछिए, क्या मनोज तिवारी ब्राह्मण का बेटा नहीं था, जो आज सलाखों के पीछे है। तीस वर्षों में ब्राह्मण समाज के लोगों को कितना अपमानित किया गया और जान ले ली गई।
ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान लोकतंत्र में भी राजतंत्र की तस्वीर दिखी। क्या लोकतंत्र में कहीं ऐसा होता है कि अपने आवास पर बुलाकर सम्मेलन किया जाए। यदि वे आज भाई मनोज तिवारी के मुकदमे वापस ले लें और ब्राह्मणों पर हुए एक-एक अत्याचार की भरपाई कर दें।
उसके बाद अगर ब्राह्मण समाज कहे तो मैं उनके सामने घुटने टेक दूंगा। आवास पर लोगों से कहा जा रहा है कि 10 मार्च के बाद देखूंगा। बस यह भी कहना चाहता हूं कि मान-सम्मान के लिए जान की परवाह नहीं है।