प्रतापगढ़। पीएफ खाताधारकों के आधारकार्ड व पैनकार्ड पर दूसरी फोटो लगाकर धोखाधड़ी के जरिए खातों से लाखों रुपये उड़ाने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के पास से 1.79 लाख रुपये, अधारकार्ड समेत अन्य अभिलेख बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
कुंडा थाना क्षेत्र के लाखीपुर निवासी गुलशन कुमार यादव ने नगर कोतवाली में 26 नवंबर को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके पिता के पीएफ खाते से दो बार में धोखाधड़ी कर कुछ लोगों ने 4.63 लाख रुपये निकाल लिए। मुकदमा दर्ज होने के बाद भंगवाचुंगी चौकी प्रभारी रुपये उड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुट गए। पुलिस के मुताबिक, रविवार की रात शहर के निर्मल तिराहे के पास से कमलेश कुमार सरोज निवासी रसूलपुर गुलरहा थाना अंतू, रामकरन सरोज पूरे नेवाज खां का पुरवा, खानापट्टी व बृजेश सरोज निवासी सरियावां ताजपुर को हिरासत में लिया गया। उनके पास से तलाशी के दौरान 1.79 लाख रुपये, दो फर्जी पासबुक, एक पैनकार्ड, एक आधारकार्ड, तीन मोबाइल, चेकबुक व एटीएम कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में पकड़े गए कमलेश कुमार सरोज ने बताया कि वह लोगों से कमीशन लेकर उनके पीएफ खाते से रुपये निकलवाने में मदद करता है।
साथी बृजेश सरोज प्रमाण पत्र बनाने का काम करता है। कुछ लोगों के आधार कार्ड व पैन कार्ड की फोटो काम कराने के लिए मंगाई थी। गुलशन के पिता दिलीप के आधारकार्ड व पैन कार्ड से उसका यूएएन नंबर निकालने के बाद रामकरन सरोज की फोटो दिलीप की आईडी पर लगाकर फर्जी आधार व पैन कार्ड से नया खाता खुलवाकर चेकबुक व एटीएम प्राप्त कर लिया। इन्हीं फर्जी कागजात व बैंक पासबुक के आधार पर पीएफ आफिस में काम करने वाले अपने साथी की मदद से पहली बार में 2,9,300 रुपये व दूसरी बार में 2,54,279 रुपये निकाल लिए। पीएफ कार्यालय में मदद करने वाले साथी को 35 हजार रुपये दिए थे। रामकरन को 40 व बृजेश को 20 हजार रुपये दिए। शेष रुपये से कर्ज चुकाया और ईंट खरीद ली। खर्च करने के बाद 1,79,000 रुपये बचे थे। धोखाधड़ी कर रुपये उड़ाने वाले शातिर बदमाश कमलेश कुमार, बृजेश व रामकरन को जेल भेज दिया गया। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि गैंग के दूसरे साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। संवाद