शिक्षक पात्रता परीक्षा 2001 की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के मुख्य सरगना राजेंद्र पटेल की पत्नी कोटेदार है। जबकि नीरज शुक्ला प्रयागराज पढ़ाई करने के लिए गया था। रविवार को दोनों के एसटीएफ के हत्थे चढ़ने के बाद परिवार व आसपास के लोग हैरत में पड़ गए। पुलिस दोनों का ब्योरा तलाश रही है।
यूपी टेट परीक्षा में नकल कराने वालों की तलाश में शनिवार से ही एसटीएफ प्रयागराज की टीम लगी थी। टीम ने नैनी क्षेत्र में नकल कराने के मुख्य सरगना राजेंद्र पटेल निवासी जयरामपुर व नीरज शुक्ला निवासी चौबेपट्टी थाना रानीगंज को दबोच लिया।
इसके अलावा बिहार से आने वाले लोग भी एसटीएफ के हत्थे चढ़े। राजेंद्र पटेल की पत्नी गांव की कोटेदार है। वह लोगों को हर दिन राशन भी बांटने का काम करता था। अक्सर उसका प्रयागराज आना-जाना होता था। नीरज के परिवारवालों ने उसे पढ़ने के लिए भेजा था। जहां वह नकल कराने वालों के गैंग की संगत में आ गया।
इस बात की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग हैरत में पड़ गए। सीओ रानीगंज अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि दोनों की कुंडली खंगाली जा रही है। यहां भी राजेंद्र पटेल लोगों से रुपये लेकर नौकरी दिलाने व परीक्षा पास कराने की बात करता रहता था, मगर कोई उसके झांसे में नहीं फंसा। राजेंद्र के खिलाफ मारपीट के दो मुकदमे दर्ज हैं। जबकि नीरज का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है।