पॉक्सो अधिनियम की विशेष अदालत ने एक परिवाद की सुनवाई कर सामूहिक दुराचार के मामले में आरोपियों की मदद कर लीपापोती करने पर नाराजगी जताकर वर्तमान कुंडा कोतवाली के थानेदार उदयवीर सिंह पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
पॉक्सो अधिनियम की विशेष अदालत ने एक परिवाद की सुनवाई कर सामूहिक दुराचार के मामले में आरोपियों की मदद कर लीपापोती करने पर नाराजगी जताकर वर्तमान कुंडा कोतवाली के थानेदार उदयवीर सिंह पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता रंजय मिश्र ने कोर्ट से पीड़िता के पक्ष को सुनने के बाद पूरे मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
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अधिवक्ता रंजय के अनुसार 20 सितंबर 2019 को मानधाता थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 वर्ष की किशोरी के साथ दो आरोपियों ने सामूहिक दुराचार किया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया था। तत्कालीन मानधाता एसओ उदयवीर सिंह ने थाना क्षेत्र के एक स्कूल के प्रबंधक रामलाल की मदद से पीड़िता को घटना के समय बालिग साबित करने के लिए कूटरचित मार्कशीट तैयार कराई थी।
आरोपियों से मिलीभगत कर मामले में विवेचक की ओर से कोर्ट में एफआर लगाई गई। कोर्ट ने परिवाद की सुनवाई के दौरान पीड़िता, पीड़िता की मां जबकि दो अन्य गवाहों की बात सुनने के बाद कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने परिवाद की सुनवाई के बाद मानधाता थाने के तत्कालीन विवेचक वर्तमान कुंडा कोतवाल उदयवीर सिंह तथा निजी स्कूल के प्रबंधक रामलाल व दो नामजद आरोपियों पर पॉक्सो अधियिनम की धारा का केस दर्ज करने का आदेश दिया है।