कोर्ट के आदेश पर दो दिन के लिए रिमांड पर लिए गए भंडार नायक को समय पूरा होने पर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। कानपुर में उसकी महिला मित्र नहीं मिली। उसके घर पर ताला लटक रहा था। जबकि शुकुलपुर स्थित आवास से ढाई करोड़ रुपये के डीएपी गबन के मामले से संबंधित अभिलेख भी बरामद हुए।
रानीगंज थाना क्षेत्र के सिंगाही सरायसेतराय निवासी संतोष कुमार पीसीएफ में भंडार नायक के पद पर तैनात था। उसके खिलाफ नगर कोतवाली में पीसीएफ के जिला प्रबंधक धनंजय तिवारी ने 1055 मीट्रिक टन डीएपी के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उस पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने उसे जेल भेजने के बाद पूछताछ व बरामदगी के लिए कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को उसे रिमांड पर लिया था।
जिसके बाद उसके प्रयागराज स्थित ठिकानों पर दबिश दी गई थी। मगर वहां ताला बंद था। उसे लेकर पुलिस ने कानपुर में भी दबिश दी। जहां उसकी महिला मित्र रहती थी। कोतवाली पुलिस के अनुसार महिला मित्र के घर पर भी ताला लटकता मिला। हालांकि भंडार नायक संतोष कुमार के शुकुलपुर स्थित आवास से डीएपी गबन से संबंधित कुछ अभिलेख बरामद हुए।
पूछताछ के बाद समय पूरा होने पुलिस ने उसे जेल में दाखिल कर दिया गया। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि बरामद अभिलेखों की गहराई से छानबीन की जा रही है। गबन में शामिल विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई होगी।