जिले में एक बार फिर डेंगू बेकाबू हो गया है। दो दिन के भीतर 11 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 81 पहुंच गया है। पहले जिले में हर रोज एक-दो मरीज मिल रहे थे, मगर 28 अक्तूबर को एक साथ 21 मरीज सामने आए थे। दो और तीन नवंबर को 11 मरीज मिले थे। डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर अनजान बने हैं। फागिंग तक कराना उचित नहीं समझ रहे हैं।
एसआरएन से आई रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के ग्यारह लोगों की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनका इलाज किया जा रहा है। परिजनों ने पहले इनका स्थानीय चिकित्सकों से इलाज कराया था। राहत न मिलने पर प्रयागराज के एसआरएन में भर्ती कराया। सीएमओ ने सभी एमओआईसी को डेंगू पॉजिटिव मरीजों के घर दवा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया है।
दवा छिड़काव के लिए आया बजट दबाकर बैठे हैं अफसर
गांवों में दवा छिड़काव कराने के नाम पर आए बजट को मुख्य चिकित्साधिकारी खुद दबाकर बैठे हैं। जबकि शासन ने एएनएम और प्रधानों के संयुक्त खाते में पहली किस्त में दस-दस हजार रुपये भेजकर डेंगू से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव कराने का निर्देश दिया था।
प्रधानों को दवा खरीदने के लिए फूटी कौड़ी नहीं दी गई है। ऐसे में गांवों में न तो दवाओं का छिड़काव हो रहा है और न ही डेंगू से बचाव के लिए कोई व्यवस्था की जा रही है। दिनोंदिन डेंगू के मरीजों की संख्या जिले में बढ़ती ही जा रही है।