कुसुमी स्थित साधन सहकारी समिति में डीएपी लेने को लगी किसानों की भीड़। संवाद
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डीएपी केजिले में डीएपी खाद का संकट गहरा गया है। अक्तूबर और नवंबर माह में डीएपी की रैक नहीं आने से साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानों से डीएपी पूरी तरह गायब हो गई है। जिले के गोदामों से डीएपी का स्टाक पूरी तरह खत्म हो गया है। बृहस्पतिवार को सदर विकास खंड के सरायबहेलिया में डीएपी वितरण को लेकर जमकर बवाल हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस और पीसीएफ जिला प्रबंधक डीके सिंह ने अपनी मौजूदगी में खाद का वितरण कराया।
जिले में रबी की बुवाई के लिए 21,000 मीट्रिकटन डीएपी का लक्ष्य है, मगर अभी तक जिले को मात्र एक हजार मीट्रिकटन डीएपी मिली है। जिले के गोदामों में रिजर्व में रखी 6500 मीट्रिकटन डीएपी बृहस्पतिवार को खत्म हो गई। बृहस्पतिवार को साधन सहकारी समितियों पर 250-250 बोरी डीएपी का वितरण किया गया। समितियों पर खाद पहुंचते ही किसान लेने के लिए उमड़ पड़े। सदर ब्लॉक के सरायबहेलिया साधन समिति पर किसान खाद लेने उमड़ पड़े।
किसी को पांच तो किसी को एक बोरी खाद दी जा रही थी। इससे आक्रोशित किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। इससे सचिव ने खाद का वितरण बंद कर दिया। जिला प्रशासन को सूचना मिलने पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक डीके सिंह और भुपियामऊ पुुलिस के पहुंचने पर खाद का वितरण प्रारंभ किया गया।
देर शाम तक पुलिस और अधिकारियों की देखरेख में खाद का वितरण हुआ। जिले के 17 ब्लॉकों की साधन सहकारी समि तियों पर जो खाद भेजी गई थी, वह देखते ही देखते गायब हो गई। जिले में 15 नवंबर के बाद रैक आने की संभावना जताई जा रही है। खाद की रैक आने पर ही डीएपी की समस्या खत्म होगी।
जिले में खाद का संकट दूर करने के लिए शासन में लगातार बात हो रही है। जिले में डीएपी की रैक की मांग की गई है। 15 नवंबर के बाद आने की संभावना है। डीएपी की रैक आने के बाद संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी