प्रतापगढ़ में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बिजली की समस्या विकराल बनी हुई है। कहीं तार गिरने तो कहीं खंभा गिरने के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित है। अधिकारियों के फोन दिन भर घनघना रहे हैं। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बहाल न होने से लोग परेशान हैं।
भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई। शहर से गांव तक बिजली ठप हो गई। करीब आठ सौ गांवों में बुधवार रात अंधेरा छाया रहा। शहर में 16 घंटे से अधिक आपूर्ति ठप रही। बिजली न होने के कारण बृहस्पतिवार सुबह लोगों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा। डीएम आवास के निकट पेड़ की डाल गिरने से दोपहर बाद सप्लाई बंद हो गई। पेड़ को हटाने के बाद शाम पांच बजे सप्लाई जारी हुई।
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जिले में तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पहाड़पुर उपकेंद्र के लोहंगी, धरौली, बोझवा, कांपा, मनोरथपुर सहित लगभग दो दर्जन गांवों में बुधवार की सुबह नौ बजे से बिजली गुल होने के बाद बृहस्पतिवार की शाम तक नहीं आई। रानीगंज में बभनमई गांव के निकट हाईटेंशन तार पर पेड़ गिरने से लगभग दो सौ गांवों में अंधेरा छाया रहा।
उपभोक्ताओं की ओर से आने वाली शिकायतों को देखते हुए बिजलीकर्मियों ने फोन बंद कर लिए। शहर का आलम यह रहा कि जगह-जगह लोकल फाल्ट होने से अधिकांश मोहल्लों की बिजली गायब रही। दहिलामऊ, शुकुलपुर, मीराभवन, अष्टभुजानगर की लाइन खराब होने से लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ा। हालांकि, शाम पांच बजे अधिकांश इलाकों में सप्लाई प्रारंभ हो गई थी। अधिशाषी अभियंता ने बताया कि पेड़ और खंभे गिरने से सप्लाई बाधित थी। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रयास जारी है।