बीसलपुर। दियोरिया जंगल में टूटे पुल के पास बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे के करीब बाघिन और शावक देखा गया। इससे एक बार फिर लोगों में दहशत फैल गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से दियोरिया-घुंघचाई रोड पर दो पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है।
दियोरिया रेंजर वीके गुप्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह लगभग आठ बजे उनके स्टाफ के कर्मचारी जंगल में टूटे पुल के पास गश्त कर रहे थे। अचानक उनकी नजर झाड़ियों में छिपी बाघिन और उसके शावक पर पड़ी। कर्मचारियों ने बाघिन और शावक का दूर से फोटो भी खींच लिया और इधर-उधर छिपकर रेंजर को सूचना दी। रेंजर ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बाघिन और उसके शावक को देखा। इसके बाद स्टाफ के लोग रेंज कार्यालय में आ गए। रेंजर ने दियोरिया-घुंघचाई रोड के दोनों छोरों पर स्थित बैरियरों के कर्मचारियों को अग्रिम आदेश तक इस रोड से बाइक सवारों के निकलने पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इस पर दोनों बैरियरों को नीचे गिरा दिया गया है। बैरियर कर्मचारियों को केवल बंद चार पहिया वाहन ही निकाले जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद इस रोड से निकलने वाले दो पहिया वाहनों के चालकों ने जराकोठी होकर आना जाना शुरू कर दिया है। रेंजर ने विभागीय उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दे दी है और खींचा गया फोटो भी भेज दिया है। बाघिन और शावक के देखे जाने से एक बार फिर इस क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
रेंजर का दावा- 11 जुलाई को बाघिन-शावक ने हमले में दो को मार डाला था
रेंजर का दावा है कि यह वही बाघिन और शावक हैं, जिन्होंने 11 जुलाई को जंगल में दियोरिया-घुंघचाई रोड पर टूटा पुल के पास दियोरिया निवासी कंधईलाल और सोनू को मार डाला था। बाघिन और शावक का फोटो सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है।