घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। गांव की 21 वर्षीय युवती की शादी लखीमपुर खीरी के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के एक गांव में तय हुई थी। पहले से तय तारीख 21 जून को बरात युवती के घर पहुंची। शादी वाले दिन जिस युवती की शादी होनी थी, उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई। गंभीर हालत में युवती को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद भी युवती की हालत में सुधार नहीं हो सका। वहीं बरात दरवाजे पर थी।
ऐसे दूल्हा और दुल्हन के पक्ष में वार्ता हुई। शादी न टालने पर सहमति बनी और युवती के स्थान पर उसकी छोटी बहन से शादी करने की बात दोनों पक्षों में तय हुई। आनन-फानन में युवती की छोटी बहन को तैयार किया गया। उसके संग ही सात फेरे कराए गए। विवाह हंसी-खुशी के साथ संपन्न हुआ। अगले दिन 22 जून को बरात विदा हुई पर 23 जून को इलाज के दौरान मायके में उसकी बड़ी बहन की मौत हो गई। इसकी सूचना पर मायके पक्ष के लोगों में कोहराम मच गया। सूचना छोटी बहन की ससुराल तक पहुंची। शादी होकर पहुंची छोटी बहन और अन्य रिश्तेदार गांव में एकत्र हुए। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।