गर्दन और पेट में गहरे घाव होने से मौत
बताया जा रहा है कि बाघ मुंह में दबाकर जंगल में खींच ले गया। हमले के गर्दन और पेट में गहरे घाव होने से किसान की मौत हो गई। चीखने की आवाज पर ग्रामीण एकत्र हो गए। जंगल के अंदर जाकर शव को बाहर निकाला गया। घटना को लेकर वन विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया। शव को ट्रैक्टर ट्राली में रखकर माधोटांडा- पीलीभीत मार्ग पर ले जाकर जाम लगा दिया।
जानकारी के बाद एसओ अचल कुमार, एसडीएम आशुतोष गुप्ता और महोफ रेंजर सहेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया। परिजन मुआवजा और संविदा पर नौकरी समेत मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम की मौजूदगी में महोफ रेंजर सहेंद्र यादव के लिखित आश्वासन देने पर ग्रामीण माने। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।