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बाइफरकेशन, शारदा सागर डैम, गोमती उद्गम स्थल आएं और पिकनिक मनाएं

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फखरुल इस्लाम
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कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र भले ही 15 जून को छह माह के लिए समाप्त हो गया लेकिन तीन स्थान हैं, जहां आप साल भर तक पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं। मौसम और खूबसूरत वातावरण के बीच शांत माहौल का मजा ले सकते हैं। अपने परिजन के साथ खुशी के पल बिता सकते हैं। जंगल के बीचोबीच पीलीभीत टाइगर रिजर्व के 12 किलोमीटर दायरे में तीनों स्थान हैं। अंग्रेजी हुकूमत का बना बाइफरकेशन, 22 किलोमीटर लंबा शारदा सागर डैम और गोमती नदी का उद्गम स्थल स्थित है। सैलानियों के लिए प्राकृतिक वातावरण आकर्षण का केंद्र है। (संवाद)
बाइफरकेशन
ब्रिटिश काल में बना बाइफरकेशन बराही और महोफ रेंज के जंगल के बीच में स्थित है। यहां नहरों का जाल और खूबसूरत गेस्ट हाउस आकर्षण का केंद्र है। बैठने और घूमने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ पर्यटक गेस्ट हाउस में ठहर भी सकते हैं। हालांकि इसके लिए सिंचाई विभाग के कार्यालय से ऑफलाइन बुकिंग करानी होगी। खाने पीने के लिए नजदीक में ही ढाबे आदि हैं। माधोटांडा खटीमा मार्ग से हरदोई ब्रांच नहर रास्ते से बाइफरकेशन पहुंचा जा सकता है।
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शारदा सागर डैम
22 किलोमीटर लंबा शारदा डैम प्रथम पंचवर्षीय योजना के तहत बनाया गया था। जंगल के किनारे स्थित डैम में दूर तक हिलोरे लेता पानी और दूसरी ओर बसी आबादी का दृश्य मनमोहक होता है। पर्यटक यहां घूमकर शांत वातावरण का आनंद ले सकते हैं। खाने-पीने के लिए स्वयं व्यवस्था करके पर्यटक यहां ग्रासलैंड क्षेत्र में लुत्फ उठा सकते हैं। बाइफरकेशन पहुंचने पर पांच किलोमीटर आगे बढ़ते ही डैम क्षेत्र शुरू हो जाता है।
गोमती उद्गम स्थल
गोमती उद्गम स्थल की झील में दिखते हैं 12 तरह के कछुए
गोमती नदी का उद्गम स्थल माधोटांडा के फुलहर क्षेत्र में स्थित है। उद्गम स्थल क्षेत्र में प्रसिद्ध मंदिर और घूमने के लिए पौधों की छांव में रास्ते बने हैं। मुख्य झील के अलावा दो अन्य झीलें भी हैं। करीब 12 प्रजाति के कछुए हैं। कैंटीन की व्यवस्था है। बच्चों के लिए झूले आदि भी लगे हैं। पर्यटक रुकना चाहे तो परिसर क्षेत्र में बने हाल में ठहर सकते हैं।
आइए और देखिए प्राकृतिक नजारा
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के गाइड जीशान अली के मुताबिक बाइफरकेशन, शारदा सागर डैम और गोमती उद्गम स्थल खास हैं। बाइफरकेशन में नहरों का जाल है, बैठने के लिए पुल के आसपास व्यवस्था है। शारदा सागर डैम क्षेत्र में भी घूमने के बाद वृक्षों की छांव में बैठकर आनंद उठा सकते हैं। गोमती उद्गम स्थल की व्यवस्थाएं भी काफी बेहतर है। मंदिर परिसर क्षेत्र में घूमने के साथ झीलों का क्षेत्र भी काफी सौंदर्य है।
ऐसे पहुंच सकते हैं
बरेली से पीलीभीत के लिए 50 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। यहां से माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग से होकर माधोटांडा पहुंचाना होगा। गांव से पूरनपुर मार्ग पर निकलते ही दाएं हाथ पर गोमती उद्गम स्थल का जाने का रास्ता है। बाइफरकेशन जाने के लिए माधोटांडा गांव से खटीमा रोड पर निकलते ही डगा पुल से दाएं हाथ पर हरदोई नहर के रास्ते से पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी। बाइफरकेशन से पांच किलोमीटर आगे जाने पर शारदा सागर डैम का क्षेत्र शुरू हो जाएगा।
गोमती उद्गम स्थल की यह किवदंती है प्रसिद्ध
अतीत पर नजर डालें तो ऐसा कहा जाता है कि यहां सिद्ध पुरुष दुर्गानाथ निवास करते थे। स्नान के लिए वह शारदा घाट पर जाया करते थे। एक दिन पूजा में लीन होने के दौरान गंगा गोमती मैया प्रकट हुई। इसके बाद से ही माधोटांडा स्थित फुलहर झील से जल स्रोत प्रकट हो गए। जो गोमती उद्गम स्थल के रूप में प्रसिद्ध हुए।
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वर्जन
बाइफरकेशन और शारदा सागर डैम क्षेत्र में सैलानी साल भर भ्रमण के लिए आते हैं। शांत वातावरण में खूबसूरत स्थल का सैलानी आनंद उठा सकते हैं। साफ सफाई का ध्यान रखना होगा।
- राजेश कुमार चौधरी, अवर अभियंता, बाइफरकेशन
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