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झमाझम बारिश में भी आक्रोश नहीं थमा, कब्जे में लिया रेलवे ट्रैक

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ट्रैक पर पहुंचे किसानों को इस तरह से पुलिस ने हटाने की कोशिश की। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। तिकुनिया में मारे गए किसानों को न्याय दिलाने और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान आंदोलित हैं। सोमवार को झमाझम बारिश के बाद भी किसानों का आक्रोश कम नहीं हुआ था। पुलिस किसानों को ट्रैक पर जाने से भी नहीं रोक पाई। आधा घंटा तक बारिश में ट्रैक पर प्रदर्शन करने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद ट्रैक खाली हुआ।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को कई संगठनों से जुड़े किसान लाइनपार गुरुद्वारा में एकत्र हुए। इसके बाद दोपहर 12 बजे किसान ट्रेन को रोकने के लिए जंक्शन परिसर में पहुंच गए। इस दौरान बरेली से आ रही पैसेंजर ट्रेन को रोकने की किसानों ने कोशिश की, मगर पुलिस ने किसानों को रोक लिया। इसके बाद किसान प्लेटफार्म पर ही बैठ गए। किसानों की संख्या बढ़ती देख पुलिस प्रशासन ने ट्रैक की ओर रस्सी का घेरा बना लिया। रस्सी का घेरा देख किसानों ने दूसरी ओर दौड़ लगा दी। इस पर पुलिस सकते में आ गई। हालांकि अधिकांश किसानों को रोकने में पुलिस सफल हो गई, मगर 10-12 किसान पुलिस का घेरा तोड़ते हुए टनकपुर जाने के लिए खड़ी पैसेंजर ट्रेन के आगे ट्रैक पर बैठ गए। प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने किसानों को ट्रैक से हटाने का प्रयास किया। किसानों को खदेड़कर भी हटाया गया, मगर किसानों ने ट्रैक को नहीं छोड़ा। हालांकि किसान किसी भी ट्रेन को रोकने में सफल नहीं हो पाए थे। करीब आधा घंटा तक ट्रैक पर प्रदर्शन करने के बाद किसान नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर खुद ही ट्रैक छोड़ दिया। इस मौके पर भाकियू के उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश तराई क्षेत्र प्रभारी बलजिंदर सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो, भाकियू लोक शक्ति जिलाध्यक्ष गुरुदीप सिंह गोगी, मंजीत सिंह, नागेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

जंक्शन पर खड़ी ट्रेन के आगे ट्रैक पर खड़े होकर विरोध जताते किसान। संवाद- फोटो : PILIBHIT

 

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