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जांच में सीएमओ दफ्तर के बाबू पास आय से अधिक संपत्ति मिली

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पीलीभीत। शासन स्तर से चल रही जांच में सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक कुंवर हिरेश सरन सक्सेना पर लगे आरोप सही पाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल की और आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। मंगलवार को इस आशय का आरोपपत्र मिलने के बाद बाबू को पंद्रह दिन के भीतर आखिरी बार जवाब देने को कहा गया है। आरोपपत्र में बाबू के पास आय से 48 फीसदी ज्यादा संपत्ति होने की पुष्टि की गई है।
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पिछले साल सीएमओ कार्यालय के बाबू हिरेश को लेकर शासन स्तर पर शिकायत हुई थी। प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाए जाने पर बाबू को निलंबित करते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बरेली मंडल कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। अब जांच के बाद निदेशक प्रशासन और नियुक्ति प्राधिकारी डॉ. राजागणपति आर से अनुमोदित आदेश जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि बाबू को पहली जनवरी 2008 से एक निर्धारित समय तक सभी वैध सोर्स से कुल आय 31,78,053 रुपये प्राप्त हुई।
इस दौरान चल-अचल संपत्ति और परिवार के भरण भोषण पर 47,04,782 रुपये खर्च किए गए। यह आय के मुकाबले 48.04 फीसदी ज्यादा है। उनके पास 15,26,729 रुपये आय से अधिक पाए गए। बाबू ने मृतक आश्रित कोटे में नौकरी हासिल की। इसके लिए उसने हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्र लगाए, जबकि शासन स्तर पर इनको मान्यता नहीं है। मानद संपदा पोर्टल पर गलत सूचना अपलोड कराई। अब बाबू को निर्देश दिए गए हैं कि आरोप पत्र प्राप्त होने के पंद्रह दिन के भीतर अपना जवाब दें। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि शासन स्तर से जो पत्र आया है, उससे संबंधित निर्देश कुंवर हिरेश सरन सक्सेना को भेज दिए गए हैं।
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