पीलीभीत। दुष्कर्म और सेक्स रैकेट के आरोप से घिरे असिस्टेंट प्रोफेसर कामरान आलम खान की करतूतों के बारे में महिला कॉलेज के प्राचार्य ने अनदेखी की या नहीं? यह सवाल पुलिस की जांच का विषय है। क्योंकि छात्रा ने अपनी तहरीर में प्राचार्य को भी लपेटा है। छात्रा का आरोप है कि प्राचार्य को प्रोफेसर की हरकतों के बारे में जानकारी थी लेकिन प्राचार्य ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब हकीकत सामने लाने के लिए जांच जरूरी है।
छात्रा का कहना है कि जब प्रोफेसर को लगा कि वह आवाज उठा सकती है तो उसे डराने धमकाने के लिए प्रोफेसर ने हर हथकंडा अपनाया। प्रोफेसर कहता था कि तुम कुछ नहीं कर पाओगी। उसने अपनी तहरीर में इसका उल्लेख किया है। छात्रा ने शुक्रवार को शाम प्रोफेसर की गिरफ्तारी के बाद फोन पर हुई बातचीत में बताया कि प्रोफेसर उससे दावा करता था कि वह सारी जानकारी प्राचार्य को देता है। उसके संबंध बहुत ऊंचे लोगों से हैं। अंडर वर्ल्ड से कांटेक्ट है। छात्रा ने कहा कि अब ऐसे गंभीर मामले में पुलिस को तह तक जाना चाहिए। जांच करनी चाहिए कि हकीकत क्या है? छात्रा ने कहा कि अगर पुलिस उन तीन छात्राओं को भरोसे में ले जिनके नाम मैंने एफआईआर में दिए हैं तो पूरे मामले में बहुत से साक्ष्य सामने आएंगे।
पूरे घटनाक्रम में दस ऑडियो रिकार्डिंग अहम साक्ष्य हैं। पीड़ित छात्रा से हुई बातचीत में उन तीन छात्राओं ने प्रोफेसर की करतूतों के बारे में बताया कि जो प्रोफेसर कर रहा था। पीड़ित छात्रा का कहना है कि मैंने पुलिस को ऑडियो रिकार्डिंग दी हैं। इन रिकार्डिंग में तीन छात्राओं ने अपनी आपबीती बयान की है लेकिन बाद में यही छात्राएं उसके साथ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए नहीं गईं। अंतत: अकेले ही आवाज उठाने के लिए आगे आना पड़ा। पर अब पुलिस की जिम्मेदारी है वह उन छात्राओं से बातचीत करे और ऑडियो रिकार्डिंग को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करे।