बाघ गणना के लिए लगा कैमरा। फाइल फोटो
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कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 2018 से 2022 तक बाघ की संख्या कितनी बढ़ी है। इसकी जानकारी 678 कैमरों की रिकार्डिंग से मिल सकेगी। पिछले दिनों बाघों की वर्तमान संख्या जानने के लिए कैमरे लगाकर गणना का कार्य किया गया। समय अवधि पूरी होने पर कैमरों को खोलकर डाटा सुरक्षित किया गया। दो दिन पूर्व पीटीआर प्रशासन ने डाटा को दुधवा टाइगर रिजर्व भेज दिया। दरअसल दुधवा के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक को बाघ गणना का प्रदेश स्तरीय नोडल अफसर बनाया गया है। इसलिए सभी टाइगर रिजर्व का डाटा वहां एकत्र किया जा रहा है।
पीलीभीत के जंगलों में बाघों की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है। वर्ष 2014 में 65 बाघ थे। चार वर्ष में कितने बाघ बढ़े हैं? लोग यही जानना चाहते हैं। जंगल और उसके बाहरी क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी को देखकर अफसर बाघों का कुनबा बढ़ने की बात को स्वीकार कर रहे हैं। पिछले माह एनटीसीए के निर्देश पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भी गणना का कार्य किया गया था। इसके लिए पांचों वन रेंज में 678 कैमरे लगाए गए थे। दस दिन पूर्व गणना पूरी होने के बाद कैमरों को खोलकर डाटा सुरक्षित करने का कार्य किया गया। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि डाटा को दुधवा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया। सभी टाइगर रिजर्व का डाटा एकत्र होने के बाद उसको नियमानुसार देहरादून भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके यहां एक वर्ष में करीब 12 शावक पैदा हुए हैं। इसलिए संख्या बढ़ने के पूरे आसार हैं।