फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाद के लिए मारामारी, किसान परेशान

विज्ञापन
बीसलपुर की नवदिया रोहनिया समिति पर खाद वाले किसानों की भीड़। - फोटो : PILIBHIT
विज्ञापन
बीसलपुर। विभागीय एवं प्रशासन के अधिकारियों की अनदेखी के चलते तहसील क्षेत्र में खाद के लिए मारामारी है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानोें को इस बात की चिंता है कि कहीं फसलों की बुआई पिछड़ न जाए।
विज्ञापन

तहसील क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक सहकारी समितियां हैं। विभागीय अनदेखी के चलते अधिकांश समितियों में यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद नहीं है। संपन्न किसान तो बाजार से खाद खरीद ले रहे हैं लेकिन साधारण किसान खाद के लिए समितियों पर ही आश्रित हैं। किसान खाद लेने समितियों पर जाते हैं और मायूस होकर लौट आते हैं। गिनी चुनी समितियों पर थोड़ी बहुत खाद है, जहां खाद प्राप्त करने के लिए किसानों को मारामारी करनी पड़ रही है। प्रशासन और विभाग के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं, जिससे उनकी भूमिका संदिग्ध हो गई है। इस बीच जागरूक किसानों ने विभाग और प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कर समितियों पर आवश्यकता अनुसार खाद उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया लेकिन सभी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई, जिससे समस्या बरकरार है। विभाग और प्रशासन के अफसरों की हीला हवाली के चलते यह स्थिति कब तक बनी रहेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। यह बात दीगर है कि विभागीय अभिलेखों के हिसाब से सभी समितियों में भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को कोई दिक्कत नहीं हो रही। बुधवार को नवदिया रोहनिया समिति पर जब दोपहर 12 बजे खाद वितरण का जायजा लिया गया, तो वहां काफी किसान खाद लेने के लिए भटक रहे थे। इस समिति पर यूरिया और एनपीके खाद नहीं थी। केवल 1026 ब्रांड की खाद थी। पूर्वाह्न 11 बजे जब काजरबोझी समिति में खाद वितरण का जायजा लिया गया तो समिति बंद मिली। कमोवेश यही स्थिति रसायाखानपुर और खांडेपुर समिति में भी मिली। इन समितियों में भी काफी किसान खाद लेने के लिए भटक रहे थे, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब देने वाला नहीं था। खाद की किल्लत होने के कारण गेहूं और लाही की बुआई में अनावश्यक बिलंब लग रहा है।
समितियों पर मौजूद है 1026 ब्रांड की खाद
तहसील क्षेत्र के नवदिया रोहनिया, बिलसंडा, घुंघचईया, नांद, जमुनिया महुआ, पकडिय़ा मंगली, इमलिया गंगी और घुरीपट्टी आदि सहकारी समितियों में खाद तो है लेकिन 1026 ब्रंाड की है, जो मंहगी भी है और इस खाद को किसान पसंद भी नहीं कर रहे हैं। मजबूरी में किसान यही खाद बेमन से ले रहे हैं।
विज्ञापन

इन समितियों पर नहीं है खाद
जसोली दिवाली, पकडिय़ा मंगली, बमरोली, चुर्रासकतपुर, सिंधौरा खरगपुर, ग्यासपुर, जोगीठेर, रसायाखानपुर, परेवा, खांडेपुर, आदि समितियों पर बिल्कुल खाद नहीं है। जसोली दिवाली समिति के सचिव विजय सिंह ने बताया कि खाद आने में देा तीन दिन लग जाएगें। ग्यासपुर समिति सचिव लाल बहादुर वर्मा ने बताया कि उन्हेांने खाद के लिए पैसा जमा कर दिया है, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। पकडिय़ा मंगली समिति सचिव विजय सिंह ने बताया कि खाद आने में पांच दिन लग जाएगें। रसायाखानपुर समिति सचिव परमाल सिंह यादव ने बताया कि उनकी समिति की आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब है, इस वजह से समिति का कारोबार बंद पड़ा है। चुर्रासकतपुर समिति सचिव अरविंद मिश्रा ने बताया कि दो तीन दिन में खाद आ जाएगी।
सचिव का एक्सीडेंट हो जाने से दो समितियों में नहीं है खाद
सचिव हरीश गंगवार के पास जोगीठेर समिति और काजरबोझी समिति का कार्यभार है। उनका 28 अक्तूबर को एक्सीडेंट हो गया था। उनका बरेली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस वजह से इन दोनों समितियों खाद नहीं है।
उनकी समिति पर नहीं है डीएपी खाद
उनका गांव नवदिया रोहनिया समिति से जुड़ा है। इस समिति पर डीएपी खाद नहीं है। केवल 1026 ब्रांड की खाद है, जो मंहगी भी है और इसे किसान पंसंद नहीं कर रहे हैं। - देवदत्त शर्मा, कृषक करनपुर लायकराम
डेढ़ सप्ताह से लगा रहे समिति के चक्कर
17 पीबीटीपी 13
उनका गांव काजरबोझी समिति से संबद्ध है। इस समिति में खाद तो है लेकिन सचिव हरीश गंगवार का एक्सीडेंट हो जाने के कारण समिति 28 अक्तूबर से बंद पड़ी है। वह पिछले डेढ़ सप्ताह से रोजाना समिति में खाद लेने जाते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं। - हरीश कुमार, कृषक गांव दौलतपुर पट्टी।
सभी समितियों पर उपलब्ध है भरपूर मात्रा में खाद
तहसील क्षेत्र की सभी समितियों पर भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध है। जिन समितियों पर खाद खत्म होती है, अगले ही दिन उन समितियों पर खाद उपलब्ध करा दी जाती है। किसी भी किसान को खाद मिलने में केाई दिक्कत नहीं हेा रही। करन सिंह सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) बीसलपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें