पीलीभीत। सरकार बुधवार एक सितंबर से कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल खोलने का आदेश जारी कर चुकी है। इसको लेकर स्कूलों में भी तैयारी कर ली गई है। मगर सरकार का आदेश अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा है। कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका से घबराए ज्यादातर परिजन अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि शिक्षा से ज्यादा जरूरी बच्चों का स्वस्थ्य रहना है।
कोरोना महामारी की वजह से पिछले करीब 17 महीने से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूल बुधवार से खुल जाएंगे। बच्चों का रुझान बढ़ाने के लिए स्कूल में पहला दिन उत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसके लिए स्कूलों को गुब्बारों और रंगोली से सजाया गया है। अफसरों, स्कूलों के प्रधानाचार्य और संचालकों का दावा है कि स्कूलों में कोविड प्रोटोकाल का पूरा पालन किया जाएगा।
कक्षा आठ से 12वीं तक के स्कूल पहले खुल चुके हैं। कक्षा एक से पांचवीं तक की कक्षाएं बुधवार लगेंगी। अफसरों के मुताबिक सरकारी स्कूलों में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। गाइडलाइन के मुताबिक कक्षाएं दो शिफ्टों में लगेंगी। 50 फीसदी बच्चे सुबह और बाकी दूसरी शिफ्ट में बुलाए जाएंगे। स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि अभिभावकों से अनुमति के बाद बच्चे स्कूल बुलाए जाएंगे।
उधर, कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका से ज्यादातर अभिभावक अभी असमंजस में हैं। उनका कहना है कि सरकार छोटे बच्चों के स्कूल खोलने में जल्दबाजी कर रही है। तीसरी लहर आने की आशंका बनी हुई है। फिर भी छोटे बच्चों के स्कूल खोले जा रहे हैं। अभी बच्चों का वैक्सीनेशन भी नहीं हुआ है। इस हालात में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना ठीक नहीं है।
विद्यालय अब खुल जाने चाहिए। घर में बच्चों की पढ़ाई का माहौल नहीं बन पा रहा है। स्कूल वाले सावधानी बरतें। स्कूल भेजने में कोई परेशानी नहीं है। मगर कोरोना की तीसरी लहर को लेकर आशंका है। - कुंवरसेन, अभिभावक, गोल्डन पार्क
ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से बच्चे मोबाइल के आदि हो रहे हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है। स्कूल में कोविड नियमों को पालन कराते हुए कक्षाएं शुरू की जा सकती है। मगर कोराना की तीसरी लहर को लेकर आशंका है। - महेश वर्मा, अभिभावक, सिविल लाइंस साउथ
कोरोना संक्रमण अभी पूरी तरह थमा नहीं है। छोटे बच्चे कोविड नियमों का पालन नहीं कर सकते। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। फिलहाल हम अपने बच्चों को अभी स्कूल नहीं भेजेंगे। - अनिल कुमार, अभिभावक, प्रतापपुर
सरकार को थोड़ा और इंतजार करना चाहिए था। अभी बच्चों को स्कूल भेजना जल्दबाजी होगी। तीसरी लहर आने की आशंका बनी हुई है। इसलिए अभी सहमती नहीं दी जा सकती है। - भानु प्रताप सिंह, अभिभावक, नौगवां पकड़िया
कोरोना अभी खत्म हुआ है या नहीं। इसको लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। बड़े बच्चे अपना ध्यान रख सकते है, लेकिन छोटे बच्चों को कैसे बचाएंगे। इसलिए बच्चों को खतरे में नहीं डाल सकते। - मदन लाल, अभिभावक, कल्यानपुर
स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई। अगली कक्षाओं में बच्चों के प्रोन्नत होने से उनको उतनी जानकारी नहीं। मगर बच्चों से बढ़कर और कुछ नहीं है। अभी स्कूल खोलना जल्दबाजी होगी। क्योंकि अभी तीसरी लहर आने की आशंका है। - रुपवती, अमरैयाकलां
शिक्षा को लेकर स्कूल खोलने का आदेश ठीक है। मगर स्कूलों में बच्चों की उतनी देखरेख नहीं हो सकेगी, जितनी घर में अभिभावक करते है। स्कूल खुलने पर माहौल देखकर ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे - गुड्डी देवी, भवानीगंज
पंजाब में स्कूल खुलते ही कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ गया है। पंजाब से सबक लेते हुए यूपी सरकार को प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कराने का फैसला नहीं लेना चाहिए। इससे बच्चों को खतरा हो सकता है। अजयपाल राना, अभिभावक, जोगीठेर
बुधवार से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण शुरू कराने का सरकार का फैसला बच्चों के हित में नहीं है। सरकार को यह फैसला कुछ दिनों के लिए स्थगित कर देना चाहिए। हम अपने बच्चों को अभी विद्यालय में नहीं भेजेंगे। - लोकेश कुमार, अभिभावक मोहल्ला दुबे, बीसलपुर
बच्चों और अभिभावकों को स्कूल खुलने की जानकारी दे दी गई है। कोरोना गाइडलाइन को लेकर स्कूल स्तर पर तैयारियां कर ली गई हैं। बच्चे मास्क पहनकर स्कूल आएं इसकी जानकारी अभिभावकों को दी गई है। - अवधेश कुमार, इंचार्ज शिक्षक अमरैयाकलां