पीलीभीत। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने गांधी सभागार में किसानों के साथ सीधा संवाद किया। धान खरीद में आ रही दिक्कतों का मुद्दा किसानों ने प्रमुखता से उठाया। बोले- 50 क्विंटल की बाध्यता क्यों है। धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल है और 1250-1300 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
कार्यक्रम में डीएम ने कहा कि जो समस्याएं जिले स्तर की हैं उन्हें वह निबटाएंगे। जो शासन स्तर की हैं, उनके बारे में शासन को अवगत कराएंगे। कहा कि धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। तौल क्रय केंद्रों की तौल की सीमा बढ़वाने का भी भरोसा दिया। किसानों की ओर से सतविंदर कहलो, मंजीत सिंह, गुरुजाप सिंह, सुखजीत सिंह औलख, गुरदीप सिंह, जसविंदर सिंह ढिल्लो, वेद प्रकाश शर्मा ने मुद्दे उठाए। मुरलीधर कश्यप ने गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली और बकाया भुगतान का मुद्दा उठाया। पराली जलाने पर मुकदमा दर्ज किए जाने का मामला उठाया। जिलाधिकारी ने कहा कि पराली को गोशाला भेजें। शासन की नीति के अनुरूप भाड़ा दिया जाएगा। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी, मंडी सचिव अशोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर बहादुर सिंह व अपर जिलाधिकारी न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र आदि उपस्थित रहे।
धन की खरीद के लिए शासन-प्रशासन गंभीर है। इस वर्ष 142 क्रय केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे क्रय केंद्रों पर भीड़ की समस्या का समाधान हो जाएगा। क्रय केंद्र प्रभारियों को टोकन के अनुसार खरीद करनी है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियम विरुद्ध कार्य किया गया तो कार्रवाई होगी।
- पुलकित खरे, जिलाधिकारी
गोशालाओं को पराली भेजने पर मिलेगा भाड़ा
पराली प्रबंधन के लिए मनरेगा के माध्यम से कटाई के उपरांत गोशालाओं में पहुंचाने का खर्च सरकार द्वारा दिए जाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही किसान भी डि-कम्पोजर का प्रयोग कर पराली को जैविक खाद के रूप में परिवर्तित कर सकते हैं। यह जानकारी जिलाधिकारी ने किसानों को बैठक में दी है।
पराली जलाने पर किसान से वसूला जुर्माना
पराली जलाने पर किसान से ढाई हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। साथ ही दोबारा पराली न जलाने की चेतावनी दी गई। तहसीलदार अशोक कुमार ने बताया कि गांव रंपुरा कोन निवासी किसान मेजर सिंह ने धान की फसल काटकर प्रतिबंध के बाद खेत में खड़ी पराली को जला दिया। हल्का लेखपाल की रिपोर्ट पर किसान से ढ़ाई हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। उन्होंने बताया कि दो एकड़ से कम जमीन पर खड़ी पराली जलाने पर ढाई हजार रुपये, पांच एकड़ तक जमीन पर खड़ी पराली जलाने पर पांच हजार रुपये और इससे अधिक जमीन पर खड़ी पराली जलाने पर 15 हजार रुपये जुर्माना वसूलने का प्रावधान है।