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पांच दिन से धान की तौल न होने पर किसानों का हंगामा

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पूरनपुर मंडी में धान खरीद केंद्र पर निरीक्षण के दौरान आक्रोशित किसान को शांत कराते एसडीएम न्याय? - फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर। ई-पॉप मशीन न चलने पर क्रय केंद्रों पर पहुंचे किसान धान बिक्री को लेकर फंस गए। वजह अब किसानों को टोकन को रीजनरेट कराना होगा। रिजनरेट कराने पर किसानों को 20 दिन बाद का टोकन मिल रहा है। ऐसे में मंडी पहुंचे किसानों को धान तौल कराने के लिए 20 दिन का इंतजार करना होगा। इससे किसानों में रोष है। धान खरीद केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम न्यायिक के सामने किसानों ने हंगामा कर नाराजगी व्यक्त की। एसडीएम न्यायिक ने अफसरों से समस्या को लेकर वार्ता कर समस्या का समाधान कराने के प्रयास का आश्वासन दिया।
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धान खरीद में टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसमें किसान को पंजीकरण के साथ टोकन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होता है। इसमें किस धान खरीद केंद्र पर किसान धान की बिक्री करेगा के ऑप्शन को भरने पर टोकन की तिथि मिलती है। निर्धारित तिथि पर किसान को संबंधित खरीद केंद्र पर पहुंचकर ई-पॉप मशीन पर अपना थंब लगाना पड़ता है। अगर निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीद केंद्र की ई-पॉप मशीन में किसान का थंब नहीं लगा। तब टोकन रिजेक्ट हो जाएगा। ऐसे में किसान को धान तुलवाने को दोबारा टोकन जारी कराना होगा। एक अक्तूबर से खराब नेटवर्क को लेकर ई-पॉप मशीन नहीं चली। ऐसे में धान खरीद केंद्र पर धान की बिक्री करने को पहुंचे किसान धान की बिक्री को लेकर फंस गए। वजह उनको दोबारा टोकन जारी करना होगा। टोकन जारी कराने को किसानों में मची होड़ पर दोबारा टोकन 20 दिन बाद का मिल रहा है। समस्या के विरोध में किसानों ने मंगलवार को खरीद केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम न्यायिक आशुतोष कुमार के सामने हंगामा किया। एसडीएम उच्च अफसरों तक समस्या पहुंचाकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
ई-पॉप मशीन न चलने से औने-पौने दामों में धान बिक्री कर रहे किसान
दो अक्तूबर को गांधी जयंती के अवकाश और तीन अक्तूबर को रविवार का अवकाश होने पर धान खरीद केंद्र बंद रहे। इन तिथियों के टोकन भी किसानों के जारी नहीं हुए थे। तीन अक्तूबर को आधी रात के बाद जिले की इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया। इससे ई-पॉप मशीनें न चलने से टोकन के अनुसार धान लेकर पहुंचे किसानों को टोकन को रीजनरेट कराने की जानकारी दी गई। टोकन रीजनरेट होने पर बीस दिन की तिथि मिलने की जानकारी पर धान खरीद केंद्रों पर आए किसान औने-पौने दामों में धान की बिक्री माफियाओं के हाथ कर गए।
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मेरे दो पुत्र देश की सेवा को फोर्स में है। एक अक्तूबर को टोकन की तिथि के अनुसार धान लेकर मंडी खाद्य विभाग के मंडी प्रथम खरीद केंद्र पर धान लेकर पहुंचा था। धान की छनाई, साफ कराई आदि को लेकर तीन हजार रुपये लेबर को दे चुका हूं। खराब नेट के कारण ई-पॉप मशीन नहीं चली। अब कहा जा रहा है कि टोकन को रीजनरेट कराओ। टोकन रीजनरेट कराने पर धान तौल की 20 दिन बाद तारीख मिल रही है। बेटे रोज फोनकर कह रहे है सरकारी धान खरीद केंद्र पर धान बिक्री का आसरा छोड़ कर जितने मेें धान बिके व्यापारी को बिक्री कर दें। व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए।
- चरन सिंह, पिपरिया मझरा
टोकन के अनुसार एक अक्तूबर को मंडी में धान लेकर पहुंचा था। उस दिन ई-पॉप मशीन नहीं चली। अब टोकन रीजनरेट कराने को कहा जा रहा है। सरकारी धान खरीद केंद्र पर धान की बिक्री में झंझट के अलावा कुछ नहीं है। समस्या से एसडीएम न्यायिक को अवगत कराया गया। अगर धान नहीं तुलता। तब 20 दिन का इंतजार नहीं करुंगा। मजबूरन औने-पौने में धान की बिक्री करनी होगी। डीएम ने वैकल्पिक तौल कराने के निर्देश दिए है। मगर यह व्यवस्था किसानों के लिए सिरदर्द है।
- जगतार सिंह, पिपरिया मझरा
पिता के नाम जारी टोकन की तारीख के अनुसार मंडी में मंगलवार को धान लेकर आया। अब यहां ई-पॉप मशीन नहीं चल रही। सेंटर इंचार्ज का कहना है कि आज नहीं तुल पाएगा। ऐसे में उसे भी टोकन रीजनरेट कराना होगा। उसकी गलती न होने बाद भी इसका खामियाजा उसे भुगतना होगा। समस्या अफसरों को बताई है। धान खरीद की नीति इस बार किसान हित की नहीं है। इसमें बदलाव होना चाहिए।
- सुखदेव सिंह, कीरतपुर
धान को सुखाकर और साफ कराकर टोकन की तारीख के अनुसार मंगलवार को धान मंडी के खरीद केंद्र पर लेकर आया हूं। समय से खरीद केंद्र पहुंचने के बाद भी खरीद केंद्र प्रभारी इंटरनेट न चलने पर धान खरीदने से मना कर रहा है। अब दोबारा टोकन जनरेट कराने पर 25 दिन बाद की तारीख मिल रही है। इंटरनेट बंद प्रशासन ने कराया। खामियाजा उसे भुगतना होगा। डीएम के वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश पर समस्या हल होने की उम्मीद है।
- इकबाल सिंह, नवदिया नदी किनारे झुकना।
ई-पॉप मशीन न चलने पर जिले भर के खरीद केंद्र प्रभारियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उनका धान तौलने के निर्देश दिए गए है। ताकि किसानों को असुविधा न हो। जिन किसानों का धान तौला जाएगा। उनसे बाद में टोकन लेने को कहा गया है।
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- पुलकित खरे, डीएम।
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