पलिया/मझगईं (लखीमपुर खीरी)। तिकुनियां बवाल मामले में किसानों और प्रशासन में समझौता होने के करीब 15 घंटे बाद चौखड़ा फार्म में किसान मारे गए किसानों का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर फिर अड़ गए। मृतक किसान लवप्रीत के परिजन ने बहराइच के किसान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत बताते हुए अपने पुत्र का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उधर, खबर मिलने पर धौरहरा के मृतक किसान नक्षत्र सिंह ने भी अंतिम संस्कार रोक दिया। मामले की सूचना जब समझौते के मध्यस्थ रहे भाकियू नेता राकेश टिकैत को दी गई तो खीरी से एक दिन पहले ही रवाना हुए टिकैत फिर खीरी लौट आए और करीब सवा घंटे की वार्ता के बाद उन्होंने परिजन को मना लिया। उनकी मौजूदगी में ही मृतक किसान लवप्रीत सिंह का अंतिम संस्कार करवाया। इसके बाद धौरहरा में नक्षत्र सिंह का भी अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान टिकैत ने किसानों को आश्वासन दिया कि गुरुविंदर सिंह का पोस्टमार्टम एम्स के डॉक्टर से करवाया जाएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो फिर बहराइच में ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
रविवार को तिकुनियां में हुए खूनी संघर्ष में कुल चार किसान मारे गए थे। सोमवार को समझौता होने के बाद सभी चार मृत किसानों का देर शाम तक जिला मुख्यालय पर पोस्टमार्टम हुआ। इनमें मृतक किसान गुरुविंदर सिंह और दलजीत सिंह जिला बहराइच के निवासी थे, जबकि लवप्रीत सिंह चौखड़ा फार्म मझगई और नक्षत्र सिंह धौरहरा जिला लखीमपुर के निवासी थे। इन सबका पोस्टमार्टम के बाद शव उनके गांव भेजा गया था, लेकिन नानपारा जिला बहराइच के निवासी किसान गुरुविंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को झूठा बताते हुए परिजन ने दोनों किसानों का शव रखकर जाम लगा दिया। खबर जब चौखड़ा फार्म के किसान लवप्रीत सिंह को मिली तो उन्होंने भी सुबह आठ बजे गुरुविंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खेल किये जाने का आरोप लगाते हुए लवप्रीत का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वहीं जब यह खबर धौरहरा के किसान नक्षत्र सिंह के परिजन को लगी तो उन्होंने भी अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया।
समझौते के बाद किसानों के अंतिम संस्कार से इनकार की सूचना जब भाकियू नेता राकेश टिकैत को दी गई तो वह शाहजहांपुर से लौटकर 12 बजकर 45 मिनट पर खीरी के मझगईं इलाके के चौखड़ा फार्म पहुंचे। जहां, पहले से मौजूद एडीजी एसके भगत और डीएम डॉ. अरविंद चौरसिया उन्हें लेकर एक कमरे में चले गए। इस दौरान दोनों के बीच सवा घंटे वार्ता चली। बातचीत के बाद टिकैत ने बताया के गुरुविंदर सिंह को छोड़कर बाकी सभी तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके बाद लवप्रीत सिंह का 2 बजकर 55 मिनट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार में राकेश टिकैत भी शामिल रहे। इसके बाद निघासन, धौरहरा होते हुए टिकैत नानपारा बहराइच के लिये रवाना हुए। उधर, धौरहरा में भी नक्षत्र सिंह का तीन बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चौखड़ा फार्म में अंतिम संस्कार रोके जाने पर मची थी खलबली
शव का अंतिम संस्कार रोके जाने की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, आईपीएस अधिकारी, अजय शर्मा, कई सीओ, कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गए। उधर, किसान नेता वीएम सिंह, पंजाब के किसान नेता रूला सिंह मानसा, कांग्रेस नेता सैफ अली नकवी, पूर्व एमएलसी आरएस कुशवाहा, राम नरेश यादव, अनिता यादव और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अजित सिंह मौके पर पहुंच गए।
टीएमसी का डेलिगेशन भी पहुंचा चौखड़ा फार्म
तिकुनिया बवाल में मारे गए किसान लवप्रीत सिंह के परिवार को ढांढस बंधाने के लिए टीएमसी का एक प्रतिनिधिमंडल भी चौखड़ा फार्म पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सदस्य कोकिला घोष, सुष्मिता देव और नीरज राय शामिल रहे। प्रतिनिधि मंडल ने तिकुनिया बवाल की पूरी जानकारी ली और घटना में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए परिवार को ढांढस बंधाया।
पंजाब से रिश्तेदारों के आने पर हुआ नक्षत्र सिंह का अंतिम संस्कार
लखीमपुर खीरी। तिकुनियां में रविवार को प्रदर्शन के दौरान गाड़ी की टक्कर से मारे गए किसान नक्षत्र सिंह (65) का उनके गांव रामनगर लहबड़ी में मंगलवार को अपराह्न तीन बजे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया। छोटे बेटे मनदीप सिंह ने पिता को मुखाग्नि दी। मृतक नक्षत्र सिंह दो भाई थे, जिसमें एक भाई पंजाब में रहते हैं। नक्षत्र के परिवार में पत्नी, दो बेटे जगदीप सिंह, मनदीप सिंह और एक अविवाहित बेटी है। नक्षत्र सामान्य किसान थे, उनके पास 11 एकड़ खेती है। अंतिम संस्कार में पुलिस फोर्स के साथ ही कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, एएसपी अरुण कुमार सिंह, सपा नेता वरुण चौधरी, पूर्व विधायक आरए उस्मानी, अनुराग पटेल समेत भाकियू टिकैत गुट के नेता शामिल हुए।
तिकुनिया बवाल में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के घर पहुंचे टिकैत
निघासन। मझगईं से बहराइच जाते समय राकेश टिकैत मंगलवार को करीब चार बजे निघासन पहुंचे। वह सीधे तिकुनिया बवाल में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार से जो मुआवजा किसानों को मिल रहा है उतना ही मुआवजा रमन के परिवार को दिलाया जाएगा। साथ ही उनके दोनों बच्चों की शिक्षा का इंतजाम अकाल एकेडमी पलिया में निशुल्क किया जाएगा। राकेश टिकैत के साथ सपा नेता हिमांशु पटेल भी थे। संवाद