पीलीभीत। अमरिया ब्लॉक में तैनात रहे ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) पंकज आर्या पर भले ही डीएम ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, मगर पंचायत विभाग के अफसर डीएम के निर्देश की परवाह किए बगैर सचिव को बचाने में जुटे हुए थे। 13 दिन तक डीएम के निर्देश को दबाए रहे। इसी दौरान सोमवार को डीएम ने संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ को तलब कर एफआईआर तत्काल कराने के निर्देश दिए थे। देर रात एडीओ पंचायत की तहरीर पर पुलिस ने सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
अमरिया ब्लॉक में तैनात सचिव पंकज आर्या पर ग्राम पंचायत भंगाडांडी और जगत में भुगतान को लेकर डीएम से शिकायत की गई थी। डीएम ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। इस पर डीपीआरओ ने संबंधित सचिव से भुगतान पत्रावली उपलब्ध कराने को कहा। मगर सचिव की ओर से पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई गई। डीपीआरओ की ओर से तीन नोटिस भेजे गए। नोटिस का जवाब भी नहीं दिया। डीपीआरओ की ओर से डीएम को इस मामले से अवगत कराया गया था। डीएम ने तीन दिन पहले संबंधित सचिव पर एफआईआर करने को निर्देश डीपीआरओ को दिए। इसके बाद ब्लॉक में तैनात सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत राशिद अहमद को डीपीआरओ ने सचिव पर एफआईआर कराने को पत्र भेजा। मगर एडीओ पंचायत एफआईआर करने के बजाय आदेश को दबा गए। करीब 13 दिन तक एडीओ सचिव को बचाते रहे, मगर कामयाब नहीं हो पाए। डीएम पुलकित खरे ने सोमवार को मामले का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ को तलब कर तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। रिपोर्ट नहीं कराने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई कराने को कहा। डीएम की फटकार के बाद एडीओ पंचायत राशिद अहमद ने पुलिस को तहरीर दे दी। पुलिस ने देर रात आईपीसी 409 के तहत सचिव पंकज आर्या के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है।